नयी दिल्ली। होम लोन की ब्याज दरों के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने और डेवलपर्स की तरफ से मिलने वाले डिस्काउंट और ऑफर्स के बीच मौजूदा स्थिति घर खरीदने के लिए बहुत अच्छी है। लेकिन खरीदार अक्सर सही प्रोडक्ट को चुनने में भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि बिल्डरों की तरफ से मिलने वाले कई ऑफर्स में उनके लिए तुलना करना मुश्किल हो जाता है। यानी ऑफर्स में किसे चुनें इसे लेकर घर खरीदार कंफ्यूज हो जाते हैं। आइए जानते हैं ऑफर्स चुनने के मामले में एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं।
कीमत कम करने वाला ऑप्शन चुनें
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सबसे पहले वे ऑफर चुनें जिससे आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ेगी या फिर लागत कम होगी। विभिन्न बिल्डरों द्वारा दिए जाने वाले ऑफर की तुलना करने के लिए 'शुद्ध पेमेंट में कितनी कमी आएगी' क्राइटेरिया अपनाएं। उदाहरण के लिए स्टांप ड्यूटी, पंजीकरण शुल्क, जीएसटी में छूट आदि जैसे ऑफर सीधे बचत वाले हैं और इनकी कैल्कुलेशन आसानी से की जा सकती है। इसी तरह फ्री कार पार्किंग, फ्लोर राइज चार्जेस आदि का ऑफर भी महत्वपूर्ण बचत के रूप में सामने आएगा। इन सारे ऑफर्स और छूट पर पहले ध्यान दें।
कैश डिस्काउंट पर दें ध्यान
मॉड्यूलर किचन, एयर-कंडीशनर, साज-सामान आदि जैसे मुफ्त में मिलने वाले सामानों को दूसरी प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि कुछ खरीदारों के लिए उपयोगी होंगे और कुछ के लिए। इसके अलावा आप बिल्डर द्वारा ऑफर किए जाने वाले सामान की क्वालिटी नहीं जानते होंगे। इसलिए यदि पेश किया गया सामान वह नहीं है जो आपको पसंद है तो बिल्डर से इन बेनेफिट्स के बदले नकद छूट की पेशकश करने के लिए कहें, जिससे आप सीधे पैसे बचा सकेंगे। इसी तरह कार, सोने का सिक्का, वैकेशन आदि जैसे ऑफर कुछ लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन होंगे। वहीं कुछ के लिए किराए पर मुफ्त आवास उन लोगों के लिए काम का हो सकता है जो किराए पर रह रहे हैं। ये ऑफर तब तक के लिए मिल सकता है जब तक आपको घर का पोजेशन नहीं मिलता। यदि आप किराये पर रह रहते हैं तो कैश डिस्काउंट के बाद इसी ऑप्शन को चुनें।
फ्लेक्सिबल पेमेंट ऑप्शन
कई बिल्डर 5 फीसदी या 10 फीसदी की स्मॉल बुकिंग राशि जैसे फ्लेक्सिबल पेमेंट ऑप्शन देते हैं और बाकी पोजेशन लेने पर देना होता है। यहां आपको यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि क्या ये ऑफ़र सीधे बिल्डर से मिल रहा है या किसी अन्य फंडिंग एजेंसी के माध्यम से। होमबॉयर्स को इसके असल प्रभाव को समझने के लिए सीधे फंडिंग एजेंसियों से चेक करना चाहिए।
इन चीजों का रखें ध्यान
कम ब्याज पर होम लोन की पेशकश, अगले कुछ वर्षों तक कोई ईएमआई नहीं आदि बहुत सामान्य ऑफर हैं। ऐसे मामलों में फंडिंग एजेंसी आपको कम दर पर लोन नहीं दे रही है। इसलिए खरीदारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बिल्डर के वादा किए गए ब्याज का भुगतान करने की क्षमता और इच्छा है।
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