कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। भारत समेच दुनिया के कई देशों में तेजी से फैल रहा है। सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। भारत समेच दुनिया के कई देशों में तेजी से फैल रहा है। सरकार ने 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया है। इस लॉकडाउन के चलते देश की अर्थव्यवस्था ठप हो गई है। ऐसे में इसे रफ्तार देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्हीं में से एक है आम लोगों को ईएमआई में राहत देना।
तीन महीने के लिए किस्तें होल्ड करने का ऑफर : रिजर्व बैंक
जानकारी दें कि सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने ग्राहकों को मार्च में चुकाई हुई होम और ऑटो लोन की किस्तों को वापस लेने का ऑफर दिया है। रिजर्व बैंक की ओर से बैंकों को तीन महीने के लिए किस्तें होल्ड करने का ऑफर दिया गया था। इसी के चलते बैंक ऑफ बड़ौदा ने ग्राहकों को यह सुविधा देने का ऐलान किया है। बैंक ने यह विकल्प केवल होम और व्हीकल लोन लेने वाले ग्राहकों को दिया है। 1 मार्च, 2020 से 31 मई, 2020 के दौरान ली जाने वाली मासिक किस्त पर तीन माह की रोक लगाने की घोषणा की गई है। केंद्रीय बैंक ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए जारी ‘लॉकडाउन' के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होने और लोगों पर कर्ज वापसी बोझ को हल्का करने के लिए यह घोषणा की है।
मासिक किस्त के रूप में काटी गई राशि लौटेगी
वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक और सीईओ संजीव चड्ढा का कहना है कि कुछ मामलों में किस्त आरबीआई की घोषणा से पहले ही काटी जा चुकी थी। जबकि इसके लागू होने की अवधि एक मार्च 2020 से है। उन मामलों में हम अपने कर्जदारों (मकान और वाहन कर्ज लेने वाले) को यह विकल्प दे रहे हैं। वे हमसे इस बारे में अनुरोध कर सकते हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम मासिक किस्त के रूप में काटी गई उनकी राशि लौटा दें, क्योंकि हमारा मानना है कि ये विशेष परिस्थितियां हैं और हो सकता है कर्जदार इस समय पैसा अपने पास रखना चाहे। वहीं इस उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि आरबीआई निर्देश की भावना यही है और हम यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि जब ग्राहकों के लाभ की बात आती है, हम उसी भावना से उन निर्देशों को लागू करें। उन्होंने कहा कि बैंक काटी गई पूरी ईएमआई (मूल और ब्याज) लौटाने की पेशकश करता है। बैंक उनसे तीन महीने की मोहलत अवधि के दौरान कर्ज की किस्त भुगतान के लिए नहीं कहेगा।
तीन किस्तों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं
जिन कर्जदारों के मामले में किस्त काटे जाने के पहले से निर्देश हैं, बैंक उनसे संपर्क कर पूछ रहा है कि क्या वे पहले से जारी ईएमआई काटने के निर्देश को निलंबित करना चाहेंगे। उनका कहना है कि हम एसएमएस के जरिए संदेश भेज रहे हैं और वे जवाब दे सकते हैं। हम उसे निलंबित कर देंगे। आरबीआई की तीन माह की मोहलत के बारे में स्पष्ट करते हुए चड्ढा ने कहा कि कारोबार कर्ज के मामले में बकाया ऋण पर ब्याज तीन महीने की रोक के बाद देय होगा। जहां तक मकान और कार ऋण की बात है इस मामले में हम कर्ज की मियाद बढ़ा रहे हैं। इससे कर्ज की अवधि मौजूदा मियाद जमा तीन महीने होगी। यानी कर्जदार को तीन किस्तों को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।
वहीं इधर, सरकारी बैंकों के बाद एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और निजी क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने ईएमआई टालने का फैसला ग्राहकों पर छोड़ दिया है।
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