नयी दिल्ली। अगर आप तकनीक के माहिर हैं तो आपके पास 1 करोड़ रुपये जीतने का मौका है। ये मौका कोई और नहीं बल्कि केंद्र सरकार दे रही है। सरकार मेक इन इंडिया कार्यक्रम के हिस्से के रूप में एक सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉल्यूशन (ऐप) बनाने के लिए देश की टेक्नोलॉजी कंपनियों को आमंत्रित कर रही है। ये एक तरीके का कॉम्पिटीशन है, जिसमें रुचि रखने वाली कंपनियां "Innovation Challenge" सरकारी वेबसाइट पर हिस्सा ले सकती हैं। ऐसी कंपनियों के पास कॉम्पिटीशन में हिस्सा लेने के लिए 30 अप्रैल तक आवेदन करने का मौका है। इस कॉम्पिटीशन में जीतने वाली कंपनी को 1 करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा। आइये जानते हैं इस कॉम्पिटीशन के बारे में विस्तार से।
हर टीम को मिलेगी 20 लाख रु की फंडिंग
अंतिम चरण के लिए शीर्ष तीन टीमों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इनमें हर टीम को सॉल्यूशन बनाने के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि मिलेगी। विजेता को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री से प्रमाण पत्र के साथ 1 करोड़ रुपये का विनर प्राइज मिलेगा। संचालन और रखरखाव के लिए 10 लाख रुपये की अतिरिक्त फंडिंग मिलेगी। सरकार ने ये नई पहल ऐसे समय में लॉन्च की है जब देश में लोग कोविड-19 लॉकडाउन के कारण घर के अंदर रह रहे हैं। कई लोग घर से भी काम कर रहे हैं और कॉन्फ्रेंसिंग, सहयोग और संदेश के लिए दूरस्थ वर्किंग सॉल्यूशन पर भरोसा कर रहे हैं। हालांकि इससे सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं।
जूम की कमजोर सिक्योरिटी आई सामने
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बातचीत या मीटिंग करने के लिए जिस ऐप का सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है वे है जूम। मगर वायरल वीडियोकांफ्रेंसिंग ऐप जूम खराब सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए सवालों के घेरे में आ गई है। गृह मंत्रालय ने ऐप के उपयोग पर दिशानिर्देश जारी किए हैं। बल्कि ऐप को "सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं" बताते हुए, मंत्रालय ने गोपनीयता में सेंध लगने से बचने के लिए सुरक्षा टिप्स भी जारी किए हैं। CERT-In ने भी एक एडवाइजरी जारी की है। सरकार का एक नयी ऐप तैयार करवाने के लिए कम्पिटीशन लाना इसी कड़ी का हिस्सा है। ताकि एक अधिक सुरक्षित ऐप बनाई जा सके।
सरकार का उद्देश्य विदेशी जरूरतों से मुक्ति
सरकार का उद्देश्य इस कॉम्पिटीशन से बाहरी हार्डवेयर, ऑडियो / वीडियो रिकॉर्डिंग सुविधा, स्क्रीन / फ़ाइल साझा करने की क्षमताओ, चैट के दौरान क्लोज कैप्शनिंग (बहुभाषी), और ऐसी ही अधिक सहूलियतों पर निर्भरता खत्म करना है। ये आवश्यकताएं काफी हद तक वही जरूरतें हैं जो अन्य लोकप्रिय वीडियोकांफ्रेंसिंग ऐप अपने उपयोगकर्ताओं को प्रदान करती हैं। सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स-2019 पर नेशनल पॉलिसी का मकसद भारत को सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट नेशन के रूप उभारना है। साथ ही भारत को इनोवेशन और कुशल सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट के डेवलपमेंट, प्रोडक्शन और आपूर्ति में एक वैश्विक प्लेयर के रूप में भी तैयार करना है। इससे आईसीटी क्षेत्र के पूरे स्पेक्ट्रम में ग्रोथ आएगी।
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