नई दिल्ली, दिसंबर 26। चार बड़ी प्रोफेश्नल सर्विसेज फर्म डेलॉइट, पीडब्ल्यूसी, ईवाई और केपीएमजी ने अपने अधिकारियों और भागीदारों से उनके या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी में किए गए निवेश का खुलासा करने के लिए कहा है। एनुअल रिस्क मैनेजमेंट प्रोसेस के तहत इन फर्मों ने नॉन-फंजिबल टोकन या अन्य क्रिप्टो एसेट्स में निवेश की डिटेल भी मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार इस मामले से जुड़े लोगों ने कहा कि कम से कम दो फर्मों (डेलॉइट और पीडब्ल्यूसी) ने अपने भागीदारों से कहा है कि वे ऐसी एसेट्स में 10 रु जितने छोटे निवेश की भी जानकारी दें।
क्यों मांगी गई जानकारी
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अंदरूनी सूत्रों ने कहा है कि अगर भागीदारों या उनके परिवार के किसी सदस्य ने क्रिप्टो एसेट खरीदी है, तो फर्मों को हितों के टकराव का डर है। इसीलिए ये जानकारी मांगी गयी है। इनमें से अधिकांश निवेश अधिकारियों और युवा भागीदारों द्वारा किया जाता है, क्योंकि अधिकांश अधिक आयु वाले लोग इक्विटी और रियल एस्टेट जैसे पारंपरिक निवेशों में पैसा लगाते हैं।
क्रिप्टो की कम खरीदारी
एक बड़ी फर्म के एक युवा टेक पार्टनर ने सिस्टम के काम करने के तरीके को जानने के लिए कुछ क्रिप्टोकरेंसी खरीदी। उनके अनुसार ऐसा नहीं है कि उन्होंने लाखों का निवेश किया है। उन्होंने तकनीक को समझने के लिए और यह कैसे काम करता है इसलिए कुछ क्रिप्टोकरेंसी खरीदी। वे जानना चाहते हैं कि जब कंपनी ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट पर काम करें तो उन्हें बेहतर स्पष्टता मिले। मगर उन्हें फर्म को सब कुछ बताना था और फर्म ने उन्हें क्रिप्टो से दूर रहने के लिए कहा।
पार्टनरों पर है मुख्य फोकस
अधिकारियों को भी क्रिप्टो निवेश का खुलासा करने के लिए कहा गया है, मगर मुख्य रूप से पार्टनर्स पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इन बिग फोर फर्मों के लगभग 1,600 भागीदार हैं जो कंसल्टेंसी, टैक्सेशन या ऑडिट जैसी फील्ड में काम करते हैं। अब तक भागीदारों को हर साल अपनी सभी देनदारियों और एसेट्स का खुलासा करने के लिए कहा जाता था। इनमें इक्विटी, म्यूचुअल फंड और अब क्रिप्टोकरेंसी जैसे निवेश शामिल हैं।
कॉमन डेटाबेस में जाएगी जानकारी
पीडब्लूसी ने सहयोगियों सहित प्रत्येक कर्मचारी को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का खुलासा करने के लिए कहा है। एक सीनियर एग्जिक्यूटिव के अनुसार सभी को इन ट्रांजैक्शन को कॉमन डेटाबेस में ट्रांजेक्स करना होगा। एक बड़ी फर्म के टैक्स पार्टनर के अनुसार उनकी फर्म में उन्हें बैंक स्टेटमेंट जमा करने होते हैं। इसलिए यदि किसी पार्टनर ने क्रिप्टो एसेट खरीदी है, लेकिन इसका खुलासा नहीं किया और अगर वह पकड़ा जाता है, तो इससे परेशानी हो सकती है।
देना पड़ेगा फाइन
हालांकि, किसी भी फर्म ने विशेष रूप से अपने किसी भी कर्मचारी या साझेदार को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश न करने के लिए नहीं कहा है। एक मामले में एक कार्यकारी से पूछताछ की गई जब यह पाया गया कि उसके पति ने इस साल जुलाई में लगभग 10,000 रु की कुछ क्रिप्टोकरेंसी खरीदी होगी। कंपनी के अनुपालन विभाग को इसका पता चला। एक्जेक्यूटिव को इस जानकारी का खुलासा नहीं करने पर 25,000 रु का जुर्माना लगाने के लिए कहा गया।
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