कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामले देखने को मिल रही है। इसी कारण मोदी सरकार ने एक बार फिर से लॉकडाउन की समयसीमा को 14 अप्रैल से बढ़ाकर 3 मई कर दी है।
नई दिल्ली: कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामले देखने को मिल रही है। इसी कारण मोदी सरकार ने एक बार फिर से लॉकडाउन की समयसीमा को 14 अप्रैल से बढ़ाकर 3 मई कर दी है। कोरोना वायरस की वजह से अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। लॉकडाउन लगने के कारण शहर भर की कंपनियां, फैक्ट्री, इंडस्ट्री, ऑफिस, बाजार, मॉल्स सब बंद है। ऐसे में जरूरी सेवाओं को छोड़कर देश को पूरी तरह से लॉक किया गया है। इसका असर अब देश की इकोनॉमी पर पड़ रहा है। अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो रहा है। बता दें कि भारतीय अर्थव्यवस्था में इस साल बड़ी गिरावट देखी जाएगी, लेकिन इतना के बाद भी अन्य देशों की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर रहेगी। जानकारी दें कि आईआईटी बॉम्बे ने लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान का आंकलन करते हुए रिपोर्ट जारी की है। RBI : नकदी फ्लो के लिए करेगा 50 हजार करोड़ का निवेश ये भी पढ़ें
21 दिनों में 4.8 लाख करोड़ का नुकसान : आईआईटी बॉम्बे रिपोर्ट
आईआईटी बॉम्बे ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 14 अप्रैल तक के 3 हफ्ते के लॉकडाउन में इकोनॉमी पर बड़ा नुकसान हुआ है। आईआईटी के रिसर्चर के मुताबिक देश की इकोनॉमी को इन 21 दिनों में 4.8 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं इन सब में सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को हुआ है। लॉकडाउन की वजह से मांग में कमी आई है। वहीं रेटिंग एजेंसी एक्यूट रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से भारत को रोजाना 4.64 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है। 21 दिन के इस लॉकडाउन का असर जीटीसी पर पड़ना भी तय है। रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के पूरे 21 दिनों के दौरान जीडीपी को 98 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
देश में बढ़ सकती बेरोगजारी की दर 23.4%
कोरोनावायरस के कारण लगी लॉकडाउन की वजह से देश में बेरोजगारी बढ़ने की भी आशंका बढ़ गई है। देश में बेरोगजारी की दर 23.4% बढ़ सकती है। मिली जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से देश में देश में शहरों में बेरोगजारी की दर ज्यादा होगी। इस तरह के लॉकडाउन परिदृश्य में सबसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्र ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म, रियल एस्टेट, सर्विसेज, प्रोडक्शन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा नुकसान के अनुमान लगाए जा रहे हैं। रेलवे, एयरलाइंस, बसें सब बंद है। लॉकडाउन की वजह से दवा, गैस, बिजली और मेडिकल उपकरणों को छोड़कर पहली तिमाही में अन्य उद्योगों पर नकारात्मक असर पड़ने वाला है।
लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को रोज 40 हजार करोड़ का नुकसान
दूसरी ओर वहीं फिक्की की अध्यक्ष संगीता रेड्डी के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से पिछले 21 दिनों के लॉकडाउन में देश की अर्थव्यवस्था को रोजाना 40,000 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले लॉकडाउन में भारत को करीब 8 लाख करोड़ का नुकसान हो चुका है। उनके मुताबिक लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को रोज 40 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है।
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