
Income Tax Saving Option : टैक्स भरने से पहले लोग इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करना शुरू कर देते हैं, ताकि टैक्स में छूट ली जा सके। टैक्स बचाने वाले ऑप्शनों में निवेश नौकरीपेशा के लिए अहम होता है। अगर आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं तो ये समय आपके लिए महत्वपूर्ण है। दरअसल वित्त वर्ष खत्म होने वाला है और ऐसे में निवेश रना और उसके प्रूफ जुटा कर जमा करना जरूरी काम है। पर किसी भी टैक्सपेयर के पास यह जानकारी होनी चाहिए कि वे कहां से टैक्स बचा सकता है। पहली बात तो सालाना 2.5 लाख रु की इनकम टैक्स फ्री है। फिर इसके ऊपर आप कुछ खास ऑप्शनों में निवेश करके टैक्स बचाया जा सकता है। पर कुछ ऐसी इनकम भी होती है, जिस पर टैक्स लगता ही नहीं। आगे जानिए इसकी लिस्ट।
फर्म का प्रोफिट
आप खेती से जो भी इनकम हासिल करेंगे वो पूरी तरह टैक्स फ्री होगी। वहीं फर्म में बतौर पार्टनर प्रॉफिट शेयरिंग के रूप में आपको जो पैसा मिलेगा, उस पर भी टैक्स नहीं लगेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी इस पर टैक्स दे चुकी होगी। पर ध्यान रहे कि टैक्स छूट सिर्फ मुनाफे पर होगी।
ग्रेच्युटी पर टैक्स नहीं
यदि आप नौकरीपेशा हैं तो पहले ग्रेच्युटी का नियम समझें। किसी कंपनी में 5 साल नौकरी करने पर ग्रेच्युटी बन जाती है। ग्रेच्युटी की जो राशि होती है वो पूरी तरह टैक्स फ्री होती है। पर इस टैक्स फ्री राशि की लिमिट होती है। सरकारी कर्मचारी की 20 लाख रु तक की ग्रेच्युटी पर टैक्स नहीं लगता। इसी तरह प्राइवेट कर्मचारी की 10 लाख रु तक की ग्रेच्युटी पर टैक्स नहीं लगता।
पीपीएफ और ईपीएफ
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) में हर साल 1.5 लाख रु तक का अधिकतम निवेश किया जा सकता है। ये पैसा टैक्स फ्री हो जाएगा। फिर जो आपको निवेश पर ब्याज मिलेगा और जो आपकी मैच्योरिटी राशि होगी, उस पर भी टैक्स नहीं लगेगा। ईपीएफ पर टैक्स के कई नियम हैं। पर एक आसान नियम यह है कि लगातार 5 साल तक निवेश किया जाए और उसके बाद विड्रॉल किया जाए तो कोई टैक्स नहीं लगता।
वॉलंटरी रिटायरमेंट सर्विस और एचयूएफ का पैसा
रिटायरमेंट के पहले सरकारी कर्मचारियों के सामने वॉलंटरी रिटायरमेंट की अनुमति होती है। इस पर उन्हें एक साथ पैसा मिलता है। इसमें से 5 लाख रु तक की राशि टैक्स फ्री रहती है। वहीं आयकर कानून के सेक्शन 10(2) के तहत अविभाजित हिन्दू परिवार (एचयूएफ) से मिला पैसा या विरासत में मिला पैसा टैक्स फ्री होगा।
ये हैं बाकी टैक्स फ्री चीजें
- किसी की वसीयत में मिली प्रॉपर्टी या कैश
- शादी और दोस्तों, रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट (अधिकतम 50 हजार रुपए के)
- शादी में लोगों से मिले गिफ्ट चाहे 50 हजार रुपए से ज्यादा हों उन पर इनकम टैक्स नहीं लगेगा। इसमें कुछ खास स्थिति आती हैं, जिनमें पति-पत्नी से मिला गिफ्ट, भाई-बहन से मिला गिफ्ट, पैरेंट्स के भाई या बहन के गिफ्ट शामिल हैं
- फंड / फाउंडेशन / यूनिवर्सिटी या किसी दूसरे एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, हॉस्पिटल या अन्य मेडिकल इंस्टीट्यूशन, ट्रस्ट या इंस्टीट्यूशन से अगर गिफ्ट मिला हो
- इसी तरह चैरिटेबल या धार्मिक ट्रस्ट से मिला गिफ्ट
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