
Share Market : भारतीय इक्विटी बाजार में व्यापक आधार वाली रैली के बाद इंडिया मार्केट कैपेटलाइजेशन के लिहाज से एक बार फिर से दुनियां का पाचवां सबसे बड़ा इक्विटी मार्केट बन गया है।
बता दें कि भारतीय बाजार पूंजी के लिहाज से जनवरी के महीने में फ्रांस से पिछड़ गए थे। भारतीय बाजारों में इसके बाद एक बार फिर से तेजी पकड़ी है। जिसके चलते इस ग्लोबल रैंकिंग में सुधार हुआ है।
वर्तमान में देश का मार्केट कैप 3.31 लाख करोड़ डॉलर है। दुनिया के टॉप 10 मार्केट कैप वाले देशों की लिस्ट में अब भारत दोबारा 5वें स्थान में आ गया है। भारतीय इक्विटी मार्केट के मार्केट कैप में इस वर्ष की शुरुआत में 330 अरब डॉलर की बढ़त हुई है।
बता दें कि इस लिस्ट में 44.54 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ यूएस शीर्ष स्थान पर है। वही, अगर हम इस लिस्ट में दूसरे स्थान की बात करें, तो फिर दूसरे नंबर पर चीन है। इसका मार्केट कैप 10.26 ट्रिलियन डॉलर है।
इस लिस्ट में 5.68 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप के साथ जापान तीसरे स्थान पर हैं जबकि हांगकांग 5.14 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ चौथे स्थान पर है।
28 मार्च से ही भारत के इक्विटी मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। देश में मैक्रो आर्थिक स्थितियों में सुधार के साथ ही अंतरराष्ट्रीय इनवेस्टर्स की खरीददारी जारी है।
इस समय के दौरान और निफ्टी लगभग 10 प्रतिशत उछले। जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) मिडकैप और स्मॉलकैप करीब 15 फीसदी चढ़े हैं। बीएसई बैंकेक्स लगभग 13 प्रतिशत चढ़ा है। विदेशी निवेशकों ने पिछले 2 महीने में भारतीय इक्विटी बाजार में लगभग 6.3 अरब डॉलर की खरीदारी की है।
हाल ही में विदेशी ब्रोकरेज हाउस जेफरीज ने भारतीय मार्केट पर अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि बीएसई सेंसेक्स बेहद ही शीघ्र 1 लाख का स्तर पार करता दिख सकता है।


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