India Foreign Exchange Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 23 फरवरी 2024 को समाप्त सप्ताह में 2.97 अरब डॉलर बढ़कर 619 अरब डॉलर हो गया। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों में सामने आया है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो अक्टूबर 2021 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई पर था।
विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश
- चीन: 3.43 ट्रिलियन डॉलर
- जापान: 1.29 ट्रिलियन डॉलर
- स्विट्जरलैंड: 868,632 बिलियन डॉलर
- भारत: 619,072 बिलियन डॉलर
- रूस: 582,000 बिलियन डॉलर
नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।

2 दिन पहले तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी हुए थे। इस दौरान भारत की जीडीपी 8.4 फीसदी की गति से आगे बढ़ी। इसके चलते शेयर बाजार तेजी से बढ़ा और अब इसका असर विदेशी मुद्रा भंडार पर दिखाई दे रहा है। बीते 23 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 2.98 अरब डॉलर बढ़ा है।
रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) बढ़ा है। बीते 23 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान एफसीए में 2.41 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब एफसीए बढ़कर 548.188 बिलियन डॉलर हो गया है।
उल्लेखनीय है कि कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है।
इस दौरान भारत का गोल्ड रिजर्व भी बढ़ा है। इस सप्ताह गोल्ड रिजर्व में 472 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब भारत का गोल्ड रिजर्व 47.848 बिलियन डॉलर का हो गया है।
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में भी बढ़ोतरी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर 80 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.197 बिलियन डॉलर हो गया है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास रखे हुए देश के मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी हुई है। आलोच्य सप्ताह के दौरान इसमें 9 मिलियन की बढ़ोतरी हुई है। अब यह बढ़ कर 4.839 बिलियन डॉलर हो गया है।
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश के हित में
जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में निर्यात के अलावा विदेशी निवेश से डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा आती है। इसके अलावा भारत लोग जो विदेश में काम करते हैं, उनकी तरफ से भेजी गई विदेशी मुद्रा भी बड़ा स्रोत होती है।
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