Post Office: भारत सरकार के डाक विभाग ने अमेरिका के लिए अपनी सभी डाक सेवाओं को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। अब भारत से अमेरिका कोई भी चिट्ठी, पार्सल, गिफ्ट या दस्तावेज भेजना संभव नहीं होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि अमेरिका ने अपने कस्टम नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसकी वजह से डाक सर्विस प्रभावित हो रही है।

पहले आंशिक रोक, अब पूरी बंदी
कुछ महीने पहले तक डाक विभाग ने सिर्फ 100 डॉलर से ज्यादा कीमत वाले सामानों की बुकिंग पर रोक लगाई थी। यानी छोटे पैकेट या गिफ्ट भेजे जा सकते थे। लेकिन अब यह छूट भी खत्म कर दी गई है और अमेरिका के लिए डाक सर्विस पूरी तरह रोक दी गई है।
नई दिक्कत क्यों आई?
डाक विभाग के अनुसार, हवाई परिवहन कंपनियां अमेरिका के नए नियमों के अनुसार सामान भेजने की तकनीकी तैयारी नहीं कर पाई हैं। दूसरी ओर, अमेरिका के ताज़ा नियम हर पार्सल पर टैक्स लगाने को अनिवार्य बना रहे हैं। इन बाधाओं की वजह से अब भारत से अमेरिका डाक सर्विस रोकना पड़ा है।
अमेरिका के नए नियम क्या हैं?
30 जुलाई 2025 को अमेरिका ने एक आदेश जारी किया, जिसके बाद 29 अगस्त 2025 से वहां का पुराना नियम खत्म हो गया। पहले तक 800 डॉलर तक का विदेशी सामान अमेरिका में बिना किसी टैक्स के भेजा जा सकता था। लेकिन अब हर छोटे-बड़े सामान पर कस्टम टैक्स लगेगा। यह टैक्स अमेरिका के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) के तहत वसूला जाएगा।
भारत पर असर
भारत से अमेरिका को कपड़े, आभूषण, हस्तशिल्प, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स और वेलनेस प्रोडक्ट्स बड़ी संख्या में भेजे जाते हैं। अब जब हर सामान पर टैक्स लगेगा, तो वहां की कीमतें बढ़ेंगी। महंगे सामान की वजह से अमेरिकी ग्राहक कम खरीदारी कर सकते हैं, जिससे भारत के छोटे कारोबारियों और कारीगरों को नुकसान होगा।
ई-कॉमर्स और छोटे व्यापारी मुश्किल में
निर्यात संगठनों का कहना है कि इस फैसले से भारत का ई-कॉमर्स कारोबार प्रभावित होगा। Amazon, Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए जो छोटे व्यापारी अपना सामान अमेरिका भेजते हैं, उनके ऑर्डर घट सकते हैं। ग्राहकों को भी अतिरिक्त कीमत चुकानी होगी, जिससे बिक्री कम होने का डर है।
ट्रांसपोर्ट कंपनियों की परेशानी
अमेरिका ने साफ कहा है कि हर पार्सल पर टैक्स जमा करने की जिम्मेदारी सिर्फ उन्हीं कंपनियों की होगी, जिन्हें उसकी सीमा शुल्क एजेंसी (CBP) योग्य मानती है। लेकिन यह प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से एयर कार्गो कंपनियों ने 25 अगस्त 2025 से अमेरिका के लिए पार्सल भेजना बंद कर दिया है।
आगे का रास्ता
अब सबकी नजर इस पर है कि भारत और अमेरिका के बीच इस मामले में क्या समाधान निकलता है। अगर जल्दी राहत नहीं मिली तो छोटे व्यापारी, कारीगर और वे आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, जो अपने रिश्तेदारों को गिफ्ट या दस्तावेज भेजते थे।
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