भारत में त्योहारों का मौसम हमेशा रौनक लेकर आता है, लेकिन इस बार का त्योहारी सीजन अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। अक्टूबर के महीने की शुरुआत के साथ ही बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल देखने को मिल रही है।
दुकानों से लेकर ऑनलाइन वेबसाइट्स तक हर जगह ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार देशभर में त्योहारी खरीदारी का कुल खर्च 12 से 14 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

त्योहारों से बढ़ेगी देश की अर्थव्यवस्था
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के बीच आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन में भारतीय उपभोक्ता जमकर खरीदारी करेंगे। इसमें कपड़े, जूते, मोबाइल, गाड़ियां, और गिफ्ट आइटम्स जैसे सेक्टरों में सबसे ज्यादा मांग देखने को मिलेगी। खास बात यह है कि इस अनुमान में रोजमर्रा की चीजें जैसे खाने-पीने का सामान शामिल नहीं हैं।
त्योहारों का यह खर्च भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार देगा, क्योंकि इससे प्रोडक्शन, रोजगार और व्यापार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होगी।
कपड़े और फुटवियर सेक्टर में भारी मांग
दिवाली के दौरान नए कपड़े और जूते खरीदना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा है। इस बार इस सेक्टर में लगभग 2.8 से 3 लाख करोड़ रुपए की खरीदारी होने की उम्मीद है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले ऑफर्स और डिस्काउंट्स ने लोगों की खरीदारी को और आसान बना दिया है। छोटे शहरों में भी ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी है। इससे फैशन और वस्त्र उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में बंपर बिक्री की उम्मीद
त्योहारों में वाहन खरीदना शुभ माना जाता है, और इस साल ऑटो सेक्टर को बड़ी बढ़त मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि कार और दोपहिया वाहनों की बिक्री 1.5 से 2 लाख करोड़ रुपये तक जा सकती है। कम ब्याज दरों, आकर्षक फाइनेंसिंग विकल्पों और एक्सचेंज ऑफर्स की वजह से ग्राहकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।
इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की डिमांड में उछाल
स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और वॉशिंग मशीन जैसे प्रोडक्ट्स पर बड़ी संख्या में लोग खर्च कर रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि इस सेक्टर में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हो सकता है। इसके अलावा, व्हाइट गुड्स जैसे फ्रिज, एसी और माइक्रोवेव की बिक्री भी बढ़ रही है, जो 35,000 से 40,000 करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है।
मिठाइयां, गिफ्टिंग और ट्रैवल से बढ़ेगी रौनक
त्योहारों पर मिठाई, गिफ्ट और ट्रैवल की मांग में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मिठाइयों और स्नैक्स पर 40,000-45,000 करोड़ रुपए गिफ्टिंग पर 15,000-20,000 करोड़ रुपए, जबकि ट्रैवल और टूरिज्म पर 60,000-70,000 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। लोग देश-विदेश में घूमने और होटल बुकिंग्स पर भी ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं।
अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल का फेस्टिव सीजन भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। बढ़ती आय, नियंत्रित महंगाई और टैक्स में राहत के चलते लोगों की खरीद क्षमता में वृद्धि हुई है।
त्योहारों के इस खर्च से उत्पादन, रोजगार और जीडीपी ग्रोथ में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो 2025 की आखिरी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था "रॉकेट स्पीड" से बढ़ सकती है।
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