नई दिल्ली। शेयर बाजार में हालांकि लोग निवेश करने से कतराते हैं, लेकिन यहां पर निवेश पर सबसे अच्छा रिटर्न मिलता है। कई बार तो इतना अच्छा रिटर्न मिलता है कि यकीन करना कठिन हो जाता है। ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि जो भी सुना जाए उसे चेक कर लिया जाए। देश में शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों और म्यूचुअल फंड कंपनियों के पूरे आंकड़े ऑनलाइन हैं। ऐसे में किसी भी जानकारी को चेक करना काफी आसान है। इसके अलावा किसी भी फैक्ट पर चेक किए बिना भरोसा भी नहीं किया जाना चाहिए। लोग जल्द भरोसा नहीं करते हैं, यही कारण है कि पहले फैक्ट चेक करने की सलाह दी जा रही है। और फैक्ट यह है कि बजाज फाइनेंस ने मात्र 4000 रुपये के निवेश को ढाई करोड़ रुपये बना दिया है। आइये जानते हैं कि ऐसा होने में कितना समय लगा।
जून मे ही हुई थी लिस्टिंग
बजाज फाइनेंस की शेयर बाजार में लिस्टिंग आज से 26 साल पहले जून माह में ही हुई थी। इन 26 सालों में इस शेयर में निवेशकों को जमकर रिटर्न दिया है। हालांकि इस रिटर्न का लाभ उन्हें ही ज्यादा मिला होगा, जो पहले दिन से अभी तक निवेशत रहे होंगे। बजाज फाइनेंस में अगर 26 साल पहले लिस्टिंग के समय अगर किसी ने केवल 4000 रुपये का निवेश किया होगा तो उसकी वैल्यू अब करीब ढाई करोड़ रुपये हो गई है। यहां पर एक बात याद रखना चाहिए कि यह ढाई करोड़ रुपये वैल्यू तब है, जब यह शेयर कोरोना और लॉकडाउन के कारण काफी नीचे आ चुका है। नहीं तो कुछ माह पहले तक तो यह वैल्यू करीब 5 करोड़ रुपये हो गई थी।
वाहनों के लिए फाइनेंस करती है कंपनी
7 जून 1994 में बजाज फाइनेंस की लिस्टिंग बीएसई पर हुई थी। जबकि 1 अप्रैल 2003 में यह शेयर एनएसई पर लिस्ट हुआ था। बजाज फाइनेंस ने अपनी शुरुआत टू व्हीलर और थ्री व्हीलर को फाइनेंस करने से की थी। इसके बाद बजाज फाइनेंस 1998 में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की फाइनेंसिंग भी करने लगी। 1998 से ये एलजी और ब्लू स्टार के एसी की फाइनेंसिंग भी कर रही है। वहीं 2004 में बजाज फाइनेंस ने पेंटियम 4 कंप्यूटरों की फाइनेंसिंग भी शुरू की थी। इसक बाद कंपनी कपड़े खरीदने तक के लिए लोन देने लगी। फिलहाल बजाज फाइनेंस एमएसएमई, कमर्शियल लेंडिंग तक कर रही है।
बड़ा मार्केट शेयर है कंपनी के पास
बजाज फाइनेंस का टू व्हीलर सेगमेंट में मार्केट शेयर 54 फीसदी है, जबकि थ्री व्हीलर सेगमेंट में मार्केट शेयर करीब 51 फीसदी है। जहां तक कंपनी के कस्टमर बेस की बात है, तो साल 2010 में कंपनी का कस्टमर बेस 4 करोड़ था, जबकि 2015 में 13 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं 2020 में कंपनी का कस्टमर बेस करीब 43 करोड़ के आसपास है।
तेजी से बढ़ा संपत्ति
बजाज फाइनेंस की वित्त वर्ष 2010 में आसेट अंडर मैनेजमेंट करीब 4000 करोड़ रुपये रहा थी, जबकि वित्त वर्ष 2015 में यह बढ़कर 32500 करोड़ रुपये हो गई। वहीं वित्त वर्ष 2020 में इसकी आसेट अंडर मैनेजमेंट 1.5 लाख करोड़ के करीब पहुंच गई। बजाज फाइनेंस शहरों और ग्रामीण इलाकों में काफी मजबूत है। बजाज फाइनेंस के मजबूत बिजनेस मॉडल पर नजर डालें तो कंज्यूमर फाइनेंस में कंपनी का मार्केट शेयर 30 फीसदी है, जबकि ऑटो में कंपनी का मार्केट शेयर 9 फीसदी है। वहीं ग्रामीण फाइनेंसिंग में 9 फीसदी, कमर्शियल लेंडिंग में 8 फीसदी और एमएसएमई में 13 फीसदी मार्केट शेयर है।
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