Japanese Automobile Business Plan: मीडिया रिपोर्ट्स के द्वारा आ रही जानकारी के अनुसार जापान की कुछ ऑटोमोबाइल कंपनियां भारत के करीबी देश थाईलैंड में बड़ा इन्वेस्टमेंट करने का प्लान बना रहे हैं। जानकारी के मुताबिक थाईलैंड सरकार ने बताया है कि जापान की कुछ ऑटोमोबाइल कंपनियां 4.3 अरब डॉलर का निवेश करने का विचार बना रही है। यह खासतौर पर साउथ ईस्ट एशियन कंट्रीज में इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर शिफ्ट करने का एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
मीडिया प्लेटफार्म पर दी जा रही जानकारी के अनुसार ये टोयोटा और होंडा जैसी दो दिग्गज फोर व्हीलर गाड़ी बनाने वाली कंपनियां मिलकर थाईलैंड में करीब 12,000 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली हैं। इसके अलावा इसुजु मोटर्स भी करीब 7200 करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट थाईलैंड में करने का विचार बना रही है। इसके अलावा मित्सुबिशी के द्वारा भी 4800 करोड रुपए का इन्वेस्टमेंट करने की बात इन मीडिया रिपोर्ट में सामने आई है। आपको बता दें कि थाइलैंड में बनाई जाने वाली गाड़ियों में सिर्फ पैसेंजर कार्स ही नहीं होगी बल्कि इलेक्ट्रिक पिकअप के प्रोडक्शन पर भी जोर दिया जा रहा है।

इस निवेश से साफ पता चलता है की जापान और थाईलैंड के बीच अच्छे राजनीतिक संबंध बन रहे हैं। गौरतलब है कि अभी हाल ही में थाईलैंड के प्रधानमंत्री के द्वारा जापान का दौरा भी किया गया था।
आपको बताते चले कि थाईलैंड साउथ ईस्ट एशियाई देशों की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि थाईलैंड साउथ ईस्ट एशिया के रीजन में सबसे ज्यादा कारों को एक्सपोर्ट करता है। थाईलैंड के ऑटोमोबाइल सेक्टर में जापान की कार कंपनियां पिछले कई दशकों से अपनी धाक जमा हुए हैं।
लेकिन हाल ही में चीन की कंपनियों के द्वारा इलेक्ट्रिक व्हीकल की मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त इन्वेस्टमेंट देखने को मिला है। मीडिया में मौजूद रिपोर्ट के मुताबिक कुछ चीनी वाहन कंपनियों ने थाईलैंड में काफी बड़ा निवेश किया है।
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की हालांकि थाईलैंड में इन जापानी कंपनियों के द्वारा निवेश करने की बात काफी जोर पकड़ रही है लेकिन अभी भी किसी कंपनी के द्वारा कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इससे साफ पता चलता है कि बातचीत तो जारी है पर अभी भी इन जापानी कंपनियों द्वारा थाईलैंड में निवेश की कोई पुख्ता खबर नहीं है।
आपको बताते चले कि थाईलैंड ने कंपनियों को टैक्स में भी छूट दे रखी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि थाईलैंड अपने देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रोडक्शन को बढ़ाना चाहता है। यही कारण है कि थाईलैंड ने इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनियों को कई तरह के टैक्स में छूट दे रखी है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की थाईलैंड का टारगेट साल 2030 तक अपने देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रोडक्शन को करीब 25 लाख तक ले जाना है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल आने वाले समय में ऑटोमोबाइल सेक्टर को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे। सिर्फ थाईलैंड में ही नहीं भारत में भी इलेक्ट्रिक व्हीकल की जबरदस्त डिमांड बढ़ रही है। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल एक्सपो को संबोधित करते हुए देश के केंद्रीय सड़क और परिवहन राज्य मार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह कहा था कि साल 2030 तक भारत में हर साल करीब 1 करोड़ इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री होगी और इस इंडस्ट्री से करीब 5 करोड लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
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