नयी दिल्ली। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एक लोन स्कीम है, जिसकी शुरुआत 1998 में भारतीय बैंकों ने की थी। केसीसी का उद्देश्य कृषि क्षेत्र की लोन आवश्यकताओं को पूरा करना है। वैसे आपको बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को भी केसीसी मुहैया किया जाता है। केसीसी के जरिए लोन लेने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को सस्ता कर्ज मिल जाता है। किसानों को केसीसी पर कम ब्याज दर चुकानी होती है। बैंकों से लिए जाने वाले कर्ज की तुलना में किसानों पर ब्याज का कम बोझ पड़ता है। हालांकि एक तरीका और है जिससे किसान केसीसी का लोन और भी सस्ता कर सकते हैं। आइये जानते हैं कि कैसे किसान केसीसी के जरिए लिए गए लोन पर ब्याज दर घटा सकते हैं।
कितने समय के लिए कितना लोन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसानों को केसीसी के जरिए 5 सालों की अवधि के लिए 3 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। अच्छी बात ये है कि योजना के तहत 1.60 लाख रुपए तक का लोन लेने के लिए किसानों को अपनी जमीन बंधक नहीं रखनी पड़ती। यानी उन्हें बगैर सिक्योरिटी के लोन मिल सकता है। किसान क्रेडिट कार्ड से किसान अपनी फसल का बीमा भी करवा सकते हैं। किसी कारण से फसल नष्ट होने पर किसानों को मुआवजा भी मिलता है, जिनमें बाढ़ और सूखा आदि शामिल है।
कितना लगता है ब्याज
किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज की दर 9 फीसदी होती है। मगर सरकार की तरफ से किसानों की सुविधा के लिए इसमें से 2 फीसदी की सब्सिडी दी जाती है। यानी केसीसी के लोन पर ब्याज की दर रह गई 7 फीसदी। अब यदि किसान 1 साल के अंदर ही लोन लौटा दें उन्हें 3 फीसदी की और छूट मिलती है। ऐसे में लोन पर ब्याज की दर रह जाएगी सिर्फ 4 फीसदी। केसीसी की तुलना में बैंकों से लोन लेने पर किसानों को 8-9 फीसदी की ऊंची ब्याज दर चुकानी पड़ती है। इसलिए किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड एक शानदार ऑप्शन है।
किसान क्रेडिट कार्ड के अन्य फायदे
केसीसी के अन्य फायदों पर नजर डालें तो किसानों को खेती से जुड़ी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए इसके जरिए आर्थिक सहायता मिलती है। इन पैसों को किसान अपनी फसल बेचकर चुका सकते हैं। इससे बड़ा फायदा विशेष रूप से उन गरीब किसानों को होता है जिनके पास खेती की जमीन कम होता। इस योजना के तहत किसानों को 6 महीनों तक के लिए 4 फीसदी और वार्षिक 7 फीसदी की दर पर ब्याज मिलता है।
कितनी होती है कार्ड की वैलिडिटी
किसान क्रेडिट कार्ड की वैलिडिटी 5 साल की होती है। 5 साल के इसे रिन्यू करवाया जा सकता है। कार्डधारक किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक या नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) में आवेदन कर सकते हैं। रिन्यू करवाने के लिए जहां से आपको कार्ड मिला है वहां भी आवेदन किया जा सकता है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications