Impact of Israel war on stock markets: इसराइल और हमास में बीच अब सीधा सीधा युद्ध शुरू हो गया है। यह युद्ध् भी रूस यूक्रेन युद्ध की तरह ही भयानक है। यही कारण है कि भारत सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में भय का माहौल है। ऐसे में सभी जानना चाहते हैं कि शेयर बाजार से पैसा निकलेगा या नहीं।
शेयर बाजार सहित सभी कारोबारी गतिविधियां अच्छे माहौल पर आश्रित होती हैं। ऐसे में अगर दुनियाभर में कहीं भी ऐसा माहौल बनता है, जो कारोबार के लिए दिक्कत पैदा करें तो शेयर बाजार, फारेक्स मार्केट सहित तमाम बाजार उस पर प्रतिक्रिया जरूर देता है। इसराइल का मामला भी ऐसा ही है। पहली प्रतिक्रिया कच्चे तेल के बाजार से आई है। कच्चे तेल का रेट बढ़ गया है। इसी तरह की प्रतिक्रिया शेयर बाजारों से भी आई है। दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज हुई है। लेकिन यह ट्रेंड आगे कैसा रहेगा, यह कई बातों पर निर्भर करेगा।

अगर इसराइल युद्ध में अरब देश घुसने की कोशिश करेंगे, तो यह युद्ध पूरे खाड़ी में फैल सकता है। जानकारों की राय है कि खाड़ी देश के आमलोगों में इसराइल के प्रति इस वक्त माहौल अच्छा नहीं है, लेकिन खाड़ी के देशों की सरकारें इसमे कूदने से बचना चाह रही हैं। अगर प्रयास सफल रहा तो शेयर बाजारों से ज्यादा पैसा नहीं निकलेगा, लेकिन अगर उल्टा हुआ तो बहुत ही भारी मात्रा में पैसा शेयर बाजारों सहित अन्य बाजारों से निकलेगा।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निवेश यह पैसा निकाल कर अपने बैंक खाते में रख लेंगे, तो ऐसा नहीं है। निवेशक हरदम पैसे से पैसा बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यह पैसा गोल्ड और बांड में निवेश हो सकता है।
अमेरिका की ब्याज दरें ज्यादा होने के चलते अगर पैसा बांड में गया तो यह दुनिया पर भारी पड़ेगा। इससे अमेरिकी डॉलर और मजबूत होगा, जिसका असर इसराइल युद्ध से भी ज्यादा पड़ सकता है। वहीं अगर यह पैसा गोल्ड में गया तो इसके दिन फिर सकते हैं। इस वक्त गोल्ड में गिरावट का दौर है। ऐसे में निवेश के लिए गोल्ड में ज्यादा रिटर्न की उम्मीद के साथ निवेश बढ़ सकता है।
जानेमाने अर्थशास्त्री पीटर कार्डिलो के अनुसार इस वक्त शेयर बाजार से पैसा निकलकर गोल्ड में जा सकता है। इनके अनुसार गोल्ड वैसे भी अच्छा निवेश का माध्यम है, ऊपर से जब जियो पॉलिटिकल माहौल खराब हो तो गोल्ड निवेश का और अच्छा विकल्प बन जाता है।
वहीं शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि कोई भी फैसला लेने में हड़बड़ी ठीक नहीं होगी। ऐसे में एक या दो दिन पूरे माहौल में नजर रखना ठीक रहेगा, और फिर हालात के हिसाब से फैसला लेना ठीक रहेगा।
इसराइल युद्ध के अभी तक 5 बड़े असर
- ब्रेंट क्रूड के दाम करीब 5 फीदी बढ़कर 87 डॉलर प्रति बैरल के पार निकले
- डब्लूटीआई क्रूड के दाम करीब 5 फीसदी बढ़कर 87 डॉलर के पार निकले
- अमेरिका में आज डॉव फ्यूचर करीब 200 अंक गिरा
- भारत में शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज
- एशियाई शेयर बाजार में भी गिरावट


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