Britain : ब्रिटेन के वित्तीय मंत्री क्वासी क्वार्टेंग को निकाल दिया गया हैं। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस के द्वारा मार्केट के लिए आर्थिक घोषणा करने की तैयारियों के बीच क्वासी क्वार्टेंग ने इस्तीफा दिया हैं। 6 सप्ताह से भी कम का समय हुआ था। क्वासी क्वार्टेंग को ब्रिटेन का वित्त मंत्री बने। क्वासी क्वार्टेंग अब राजकोष के चांसलर नहीं हैं। बता दे कि लिज ट्रस सरकार के बड़े पैमाने पर कर कटौती ने फाइनेंशियल मार्केट में उथल-पुथल मचा दी है।

कब शुरू हुई परेशानी
हाल ही के हफ्तों में ब्रिटेन को अर्थव्यवस्था बेहद ही खतरनाक रूप से मुक्त गिरावट ओर बढ़ गई हैं। क्योंकि क्वार्टेंग और ट्रस अपना जो रास्ता हैं। उसको भटका दिया हैं। 6 सितंबर के तुरंत बाद ही उनकी समस्या शुरू हुई। जब ट्रस ने अपना पूर्ववर्ती बोरिस जॉनसन से पदभार को संभाला, जिन्होंने "पार्टी-गेट" घोटाले में शामिल होने पर आंतरिक पार्टी के विद्रोह के बाद डाउनिंग स्ट्रीट को एक बादल के नीचे छोड़ दिया था। उन्होंने उस वक्त जो कंजर्वेटिव पार्टी हैं। उसको फिर से सम्मानजनक और चुनाव के योग्य बनाने की कसम खाई थी। फिर भी कार्यालय में जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, उनके जो मंत्रिमंडल हैं उन्होंने रूस और यूक्रेन के युद्ध की वजह से ऊर्जा आपूर्ति व्यवधानों से उत्पन्न हुई अस्थिरता से आंशिक रूप से प्रेरित हुई। ऊर्जा संकट को देखा। सितंबर के शुरुआत में जबकि वह ब्रिटिश परिवार हैं। उनको आश्वस्त करने के लिए निर्णायक रूप से कार्य करती दिखाई दीं। जो लोग अपने गैस के बिल हैं। उसके भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे थे। बाद में लागत से बचने के लिए और एक ऊर्जा मूल्य गारंटी के लिए, ब्रिटेन में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स में कटौती और स्कैप करने की उनकी को व्यापक योजना हैं।
क्या हुआ हैं नीतियों का परिणाम
23 सितंबर के उनके अब कुख्यात मिनी बजट जो इन प्रस्तावों को रेखांकित करते हैं। उन्होंने मार्केट में ऐसी उथल पुथल मचा दी। कि बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) को पेंशन बिजनेस को सरकारी उधारी लागत, एक दुर्घटना दुर्घटनाग्रस्त पाउंड और बढ़ती बंधक दरों से बचने में सहायता करने के लिए कदम उठाने के लिए मजबूर होता पड़ा। ट्रस ने क्वार्टेंग को निकाल दिया।
क्या हैं संकट का राजनीतिक प्रभाव
यह एक आम धारणा हैं कि ट्रस सरकार, अगर पहले से ही अपने आखिरी पैरो पर नही हैं, तो उनकी सरकार के कमजोर जो राजनीतिक स्थिति हैं। उसको पूरी तरह से कमजोर रूप से आर्थिक नीति निर्माण ने कमजोर प्रदर्शन से पहले जाने में देरी नहीं हो सकती हैं।
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