नयी दिल्ली। कोरोनावायरस को काबू में रखने के लिए देश भर में लॉकडाउन लगा हुआ है। इस बीच सिर्फ जरूरी सेवाएँ और चीजों की ही इजाजत है। बैंकिंग इनमें से एक है। इस दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। लॉकडाउन के बीच बैंकों में लोन और जमा पैसों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से जारी किए ताजा आंकड़ों के मुताबिक 10 अप्रैल को समाप्त पखवाड़े तक बैंक क्रेडिट (लोन) 7.20 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 103.39 लाख करोड़ रुपये और डिपॉजिट 9.45 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी के साथ 137.14 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। एक साल पहले के इसी अवधि तक बैंक क्रेडिट 96.44 लाख करोड़ रुपये और डिपॉजिट 125.30 लाख करोड़ रुपये थे।
50 सालों के निचले स्तर पर पहुंचे बैंक लोन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 31 मार्च 2020 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में बैंक लोन ग्रोथ (यानी लोन देने में बढ़ोतरी) 6.14 प्रतिशत तक घट गई, जो लगभग पांच दशकों का निचला स्तर है। इसके कई कारण हैं, जिनमें धीमी आर्थिक वृद्धि, कम मांग और बैंकों का बिलकुल जोखिम न लेना शामिल है। इससे पहले 31 मार्च 1962 को खत्म हुए वित्त वर्ष में लोन ग्रोथ 5.38 फीसदी रही थी। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान बैंक जमा आरबीआई के आंकडो़ं के अनुसार 7.93 प्रतिशत बढ़ कर 135.71 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो 2018-19 में 125.73 लाख करोड़ रुपये थी।
जमा पर कम मिलेगा फायदा
कोरोनावायरस के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट कम थी, जिसके बाद कई बैंकों ने अपनी एफडी और बचत खाते की जमा पर ब्याज दरों में कटौती की। इससे आपको बैंकों में जमा पर अब कम ब्याज मिलेगा। उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई बैंक ने 9 अप्रैल 2020 से अपने बचत बैंक खातों पर ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट (बीपीएस) की कटौती कर दी है। बैंक अब 50 लाख रुपये से कम के बैलेंस वाले बचत खाते पर सालाना 3.25 फीसदी ब्याज दर देगा, जो पहले 3.50 फीसदी थी। वहीं अगर बचत खाते में 50 लाख रुपए या उससे अधिक हैं तो 3.75 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा। उससे पहले एसबीआई ने घोषणा की थी कि 15 अप्रैल 2020 से बचत खातों पर सालाना 2.75 फीसदी ब्याज मिलेगा, यानी पहले के मुकाबले 25 बीपीएस कम।
बैंकों में जमा पर होगा नुकसान
गौरतलब है कि एसबीआई के बचत खाते पर 2.75 फीसदी सालाना ब्याज मिलेगा जो आपका नॉमिनल रिटर्न है। इस समय इन्फ्लेशन रेट 5.91 फीसदी है। अब यदि नॉमिनल रिटर्न (2.75 फीसदी) में से इन्फ्लेशन (5.91 फीसदी) को घटाया जाए तो आपकी रियल रिटर्न आएगी -2.98 फीसदी। इसका मतलब यह है कि एसबीआई में आपके बचत खाते में पड़े पैसों की क्रय शक्ति इस मुद्रास्फीति दर के आधार पर सालाना 2.98 फीसदी की दर से घट रही है। इसी तरीके से आईसीआईसीाई बैंक के खाता धारकों को भी सालाना -2.03 फीसदी का नुकसान होगा। अगर आपका किसी दूसरे बैंक में खाता है तो आप 5.91 इंफ्लेशन रेट यानी महंगाई को घटा कर असल रिटर्न रेट जान सकते हैं।
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