एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। एमएसएमई सेक्टर देश में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है। एमएसएमई कारोबारियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कई तरह से प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
नई दिल्ली: एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। एमएसएमई सेक्टर देश में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है। एमएसएमई कारोबारियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कई तरह से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। लेकिन कोरोना वायरस के चलते शुरू लॉकडाउन ने इन उद्यमों की कमर तोड़ दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस सेक्टर के लिए कई ऐलान किये हैं। इसी कड़ी में तमिलनाडु सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बैंक ऋण देने की प्रक्रियाओं को सरल और तेज करने के लिए एक पोर्टल जल्द ही बनाने जा रही है। इस बात की जानकारी स्थानीय प्रशासन मंत्री एसपी वेलुमनी ने शुक्रवार को दी। बता दें कि वरिष्ठ बैंक अधिकारियों और उद्योगपतियों के साथ बैठक में कहा कि यह पोर्टल बैंकों और उद्योगपतियों के लिए मददगार होगा। MSME दे सकते हैं चीन को टक्कर, सरकार मदद तो करें ये भी पढ़ें

उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों को विशेष रूप से कोविड-19 जैसी स्थिति में ऋण के लिए बैंकों में जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे पोर्टल के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज दाखिल कर सकते हैं। वहीं उन्होंने इस बात की जानकारी भी दी कि इन सुझावों को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बैंकों से अपील की कि वे जल्दी से ऋण प्राप्त करने में अड़चनें दूर करें। 15 लाख श्रमिकों के साथ कोयम्बटूर जिले में 1.5 लाख से अधिक एमएसएमई हैं। इस बात से भी अवगत कराया कि कोरोनावायरस माहामारी के दौरान लगे लॉकडाउन की अवधि में करीब 8,284 छोटे उद्योगों को 554 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है।
एमएसएमई सेक्टर के लिए सरकार ने की कई घोषणाएं
- हाल ही में केंद्र सरकार ने मुश्किल में फंसे दो लाख एमएसएमई के लिए 20,000 करोड़ सबॉर्डिनेट डेट का प्रावधान किया है।
- सरकार सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट के तहत 4,000 करोड़ रुपये की मदद देगी।
- इसके साथ ही बैंकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे एमएसएमई के प्रमोटर्स को इकाई में अपनी मौजूदा हिस्सेदारी के 15 फीसदी के बराबर सबॉर्डिनेट डेट प्रदान करें। इसकी अधिकतम सीमा 75 लाख रुपये तय की गई है।
- सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ एक फंड ऑफ फंड की स्थापना करने का निर्णय लिया है।
- इसके जरिए भी एमएसएमई सेक्टर को इक्विटी फंडिंग में मदद की जाएगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना था कि एमएसएमई को प्रोत्साहन देने का फैसला अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।
- कैबिनेट ने दबावग्रस्त एमएसएमई के लिए 20,000 करोड़ रुपये के अधीनस्थ कर्ज को मंजूरी दी है। इससे लिक्विडिटी की तंगी झेल रहे करीब 2 लाख एमएसएमई को फायदा पहुंचेगा।
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