
Mutual Fund : म्यूचुअल फंड भारतीय रेगुलर निवेशकों के बीच अच्छे कारणों से काफी तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। इस समय बाजार में इतनी सारी तरह के म्यूचुअल फंड हैं कि हर तरह के निवेशक के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। यदि आप अपनी जरूरत और टार्गेट को पूरा करने वाली म्यूचुअल फंड स्कीम खोजें तो इस बात की पूरी उम्मीद है कि आपको ऐसी स्कीम जरूर मिलेगी, फिर चाहे आप जोखिम लेने वाले निवेशक हों या जोखिम न लेने वाले। यदि आप शॉर्ट टर्म, मिड टर्म या लॉन्ग टर्म के लिए ही निवेश क्यों न करना चाहें, आपको फिर भी अपनी पसंदीदा स्कीम मिलेगी। बहुत से लोग म्यूचुअल फंड में पैसा बनाना चाहते हैं और कुछ टैक्स बचाना चाहते हैं। इन दोनों तरह के लोगों को भी मनचाही स्कीम मिल सकती है। मगर फिर भी कुछ गलतियां हैं, जिनसे आपको म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय बचना जरूरी है।
बिना टार्गेट के किया गया निवेश
निवेश पोर्टफोलियो चुनते समय, आपको सबसे पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों को चेक करना चाहिए। निवेश की अवधि भी फाइनेंशियल टार्गेट से जुड़ी होती है। आपका टार्गेट एक नयी कार खरीदना, कुछ समय बाद एक अपार्टमेंट खरीदना, अपने बच्चे की शिक्षा के लिए पैसा जमा करना, टैक्स पर पैसा बचाना आदि हो सकता है।
फंड्स की तुलना
म्यूचुअल फंड को उनके स्ट्रक्चर, जोखिम, निवेश अवधि, निवेश टार्गेट और अन्य फैक्टरों के तहत अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा सकता है। यदि आप स्मॉल-कैप फंड में निवेश करना चाहते हैं, तो आप इसके परफॉर्मेंस की तुलना लार्ज-कैप फंड से नहीं कर सकते। सेबी के अनुसार स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंड जोखिम वाले होते हैं, क्योंकि ये 250 मिलियन डॉलर से कम मार्केट कैपिटल वाली फर्मों में निवेश करते हैं। दूसरी ओर, लार्ज-कैप फंड कम जोखिम वाले होते हैं।
जोखिम प्रोफाइल पर विचार किए बिना फंड में निवेश करना
म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश करना आपके जोखिम लेने की क्षमता पर आधारित होना चाहिए। कम जोखिम क्षमता वाले निवेशक प्रोफाइल और लंबी अवधि के फाइनेंशियल टार्गेट वाले लोगों को एक बैलेंस्ड पोर्टफोलियो से फायदा मिलेगा, जिसमें डेब्ट और इक्विटी का एक सक्सेसफुल मिक्स शामिल हो।
रिसर्च में कोताही न बरतें
चाहे वह निवेश करने पर जोखिम हो, या म्यूचुअल फंड में आपकी रुचि आपको निवेश से पहले रिसर्च जरूर करनी चाहि। इंटरनेट तक एक्सेस ने हर तरह की जानकारी हासिल करने को आसान बना दिया है। इसलिए आप इंटरनेट की मदद से ही सही, मगर पूरी रिसर्च करें और उसके बाद ही म्यूचुअल फंड स्कीम को चुनें।
दूसरे निवेशकों की कॉपी न करें
निवेश करते समय किसी अन्य निवेशक की कॉपी न करें। सबका निवेश का तरीका, टार्गेट, जोखिम लेने की क्षमता और रुचि अलग हो सकते हैं। इसलिए आपको हर तरह से अपनी जरूरतों को पहचानना है। अपनी जोखिम क्षमता और रुचि को सामने रखना है।
नोट : यहां पर निवेश की सलाह नहीं दी जा रही है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें।
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