सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2021 को पेश करते हुए सोने पर आयात शुल्क में कटौती
नई दिल्ली: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2021 को पेश करते हुए सोने पर आयात शुल्क में कटौती का प्रस्ताव किया। सीतारमण ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 12.5 प्रतिशत से घटाकर 7.5 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया।

इससे सराफा बाजार की चमक और बढ़ने की संभावना बनी है। बजट पेश होने के बाद सोने के दाम में करीब एक हजार रुपये का अंतर आ गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि जुलाई 2019 में सोने पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी किया गया था। इसके कारण देश में सोने के भाव में काफी उछाल आया था। सरकार ने इसे देखते हुए फैसला किया कि सोने और चांदी पर सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाया जाये। इस बजट घोषणा का असर बाजार पर भी नजर आया।
सोना और चांदी की ट्रेडिंग में आएगी तेजी
आयात शुल्क में कमी की वजह से सोने और चांदी की खरीद सस्ती होगी। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि निवेशकों की भागीदारी ट्रेडिंग में बढ़ेगी। इसके साथ ही संगठित कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सोने और चांदी की तस्करी पर भी रोक लगेगी। जानकार कहते हैं कि बुलियन इंडस्ट्री और निवेशकों के लिए यह बेहतर फैसला साबित होगा।
भारत में बड़ी मात्रा में स्वर्ण आयात होता है और विदेश और भारत के बीच इसकी कीमतों में फर्क के कारण देश में सोने की तस्करी भी होती है। माना जा रहा है कि अब चूंकि ये कदम उठाया गया है इसलिए तस्करी में कमी आ सकती है। सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि वाहनों के कल-पुर्जे, सौर ऊर्जा क्षेत्र के उपकरणों, सूती तथा कच्चे रेशम पर सीमा शुल्क को बढ़ाया गया है। इनके अलावा नेफ्था पर सीमा शुल्क को घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस्पात के कबाड़ (स्टील स्क्रैप) को मार्च 2022 तक सीमा शुल्क से छूट दी गयी है। वित्त मंत्री ने कुछ उत्पादों पर बुनियादी संरचना विकास उपकर लगाने का भी प्रस्ताव किया. सोना और चांदी पर 2.5 प्रतिशत, सेब पर 35 प्रतिशत, विशेषीकृत उर्वरकों पर 5 प्रतिशत, कोयला, लिग्नाइट, पेट कोक पर 1.5 प्रतिशत कृषि बुनियादी उपकर लगाया गया।
2020 में 35 प्रतिशत घटी सोने की मांग
भारत में सोने की कुल मांग 2020 में 35 प्रतिशत घटकर 446.4 टन रही - जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम थी - 2019 में 690.4 टन। 2019 में भी यह साल-दर-साल लगभग 9 प्रतिशत कम हुई थी। जबकि 2019 में आयात शुल्क में कुछ हद तक, सोने की मांग को कम करने में मदद की थी, तब से मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि ने लोगों को पीली धातु से दूर रखा है, विशेष रूप से आभूषण की मांग को ध्यान में रखते हुए एक प्रमुख मांग योगदानकर्ता है। उदाहरण के लिए, 2020 में 446.4 टन की मांग में से, आभूषण की मांग 315.9 टन थी। समग्र खपत में भारत केवल चीन से पीछे है।
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications