नयी दिल्ली। शेयर बाजार में कोई एक कंपनी ही आपको चंद महीनों में अमीर बना सकती है। यहां हजारों के लाखों और लाख के कई लाख बनने में ज्यादा समय नहीं लगता। पिछले एक साल में देखें तो ऐसे कई शेयर हैं जिन्होंने निवेशकों का पैसा कई गुना तक बढ़ा दिया है। इन्हीं में से एक शेयर ऑर्किड फार्मा। ऑर्किड फार्मा के शेयर ने साल नहीं बल्कि सिर्फ 4 महीनों में निवेशकों को अमीर बना दिया। इस शेयर ने पिछले महीनों में 1 लाख रु पर 63 लाख रु से अधिक मुनाफा दिया है। यानी जिस निवेशक ने इसके शेयरों में 1 लाख रु का निवेश किया होगा, उसकी निवेश राशि 64 लाख रु से अधिक हो गयी होगी।
नवंबर से अब तक भारी उछाल
3 नवंबर को ऑर्किंड फार्मा का शेयर सिर्फ 18 रु पर था। आज कंपनी का शेयर 1186 रु पर बंद हुआ। यानी करीब 4 महीनों में ऑर्किड फार्मा के शेयर ने 6488 फीसदी का रिटर्न दिया। 6488 फीसदी रिटर्न का मतलब है कि 1 लाख रु की निवेश राशि 64.88 लाख रु हो गयी होगी। बता दें कि कुछ शेयर महीनों में ही निवेशकों का पैसा कई गुना कर देते हैं।
लगातार छू रहा ऊपरी सर्किट
मालूम हो कि 3 नवंबर को ऑर्किड फार्मा का शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर रीलिस्ट हुआ था। तब से लेकर अब तक इस शेयर ने रोज ऊपरी सर्किट छुआ है। ऊपरी सर्किट का मतलब है कि उस दिन शेयर ऊपरी सर्किट स्तर से और ऊपर नहीं जा सकता है। यानी ये दिन का सबसे ऊंचा स्तर होता है। ऑर्किड फार्मा का शेयर लगातार 4 महीनों से ऊपरी सर्किट स्तर छू रहा है।
क्यों आई तेजी
यह सवाल अहम है कि आखिर ऑर्किड फार्मा में इतनी तेजी क्यों आई है। असल में धानुका लैब्स की ऑर्किड फार्मा में 98.04 फीसदी और वित्तीय संस्थानों की 1.19 फीसदी हिस्सेदारी है। खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी ऑर्किड फार्मा में 0.5 फीसदी से भी कम है। यही कारण है जिसके कारण ऑर्किड फार्मा के शेयर की कीमत इतनी बढ़ी है।
रूचि सोया के भी हुआ था ऐसा
ऑर्किड फार्मा के शेयर की 4 महीनों में 6488 फीसदी तक उछलने की कहानी काफी हद तक रुचि सोया और आलोक इंडस्ट्रीज से मिलती है। रूचि सोया और आलोक इंडस्ट्रीज को क्रमशः बाबा रामदेव की पतंजलि और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने खरीदा था। 1186 रु के स्तर पर ऑर्किंड फार्मा की मार्केट कैपिटल 4,840.83 करोड़ रु है। आज सुबह कंपनी का शेयर 1129.55 रु के पिछले बंद स्तर के मुकाबले सीधे ऊपरी सर्किट स्तर (1186.00 रु) पर खुला और आखिर में इसी स्तर पर बंद हुआ।
दवा कंपनी है ऑर्किड फार्मा
ऑर्किड केमिकल्स चेन्नई में स्थित एक भारतीय दवा कंपनी है। इसकी स्थापना 1 जुलाई 1992 को की गयी थी। इसके संस्थापक हैं कैलाशम राघवेंद्र राव, जो आईआईएम अहमदाबाद के पूर्व छात्र हैं। 1992 में ऑर्किड ने कारोबार शुरू करने के लिए एक प्रमाण पत्र प्राप्त किया और अगले साल 1993 में यह एक पब्लिक कंपनी बन गई। आर्किड के मुख्य प्रोडक्ट एक्टिव फार्मास्यूटिकल इन्ग्रीडीअन्ट्स हैं।


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