पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति जल्द बदलने वाली है. पड़ोसी देश को एक जियोलॉजिकल सर्वे में तेल और गैस भंडारों का काफी बड़ा स्थान मिला है. ऐसा माना जा रहा है कि यह स्थान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल और गैस का भंडार है. ये खजाना आने वक्त में पाकिस्तान की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है.

पाकिस्तान एक पड़ोसी देश के साथ मिलकर तीन साल से जियोलॉजिकल सर्वे कर रहे थे. इस सर्वे से अब पड़ोसी देश को खजाना हाथ लग गया है. हालांकि अभी खुदाई करने के फैसले में काफी समय लग सकता है. इस खुदाई में काफी पैसे भी लग सकते हैं.
ऐसा कहा जा रहा है कि यह पेट्रोलियम और नेचुरल गैस का भंडार इतने बड़े पैमाने में मौजूद है कि आने वाले समय में पाकिस्तान की तस्वीर पूरी तरह से बदल सकती है.
इस खजाने को ब्लू वाटर इकोनॉमी का नाम दिया गया है.अभी पड़ोसी देश खुदाई के कई प्रस्तावों की स्टडी कर रहा है. जिसका अर्थ हुआ है कि आने वाले कुछ सालों में यहां तेल निकालने का काम शुरू हो सकता है.
यह भी कहा जा रहा है कि ब्लू वाटर इकोनॉमी से सिर्फ तेल और गैस नहीं, बल्कि ऐसी गई पदार्थ मिल सकते हैं, जिन पदार्थ की कीमत करोड़ो में है. जितना जल्दी पाकिस्तान इस नई खोज में काम करना शुरू करेगा, उतनी ही जल्द उसकी तकदीर बदल सकती है.
फिलहाल किस देश में सबसे ज्यादा तेल भंडार
अभी दुनिया में सबसे ज्यादा तेल भंडार वेनेजुएला में पाया जाता है. यहां कुल 3.4 बिलियन बैरल तेल भंडार है. वहीं अगर अमेरिका की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा अनटैप्ड शेल तेल रिजर्व है. इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक सऊदी अरब, ईरान, कनाडा और इराक दुनिया के टॉप ऐसे 5 देश है, जहां सबसे ज्यादा तेल और गैस पाया जाता है.
हालांकि अभी इस बात की पुष्टि कर पाना मुश्किल है कि जिस स्थान में ये तेल और गैस मिला है, वहां खुदाई की जा सकती है या नहीं. इसके अलावा जितनी मात्रा में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां गैस और तेल मिलेगा, वह सही है या नहीं.
डॉन न्यूज टीवी से बात करते हुए पाकिस्तान के आगरा (तेल और गैस नियामक प्राधिकरण) के पूर्व सदस्य मोहम्मद आरिफ ने कहा कि भले ही देश को आशावादी रहना चाहिए, लेकिन अभी तेल-गैस निकलने की बात 100 फीसदी भरोसे के साथ नहीं कही जा सकती. साथ ही अभी यह भी नहीं बताया जा सकता कि इस भंडार में उम्मीद के मुताबिक तेल और गैस मिल ही जाएगा.
इसके अलावा ये भी पता लगाना अभी मुश्किल है कि ये भंडार देश को आर्थिक रिकवरी देने में मदद कर सकता है या नहीं
यह पता चला है कि पड़ोसी देश को केवल खोज (एक्सप्लोरेशन) करने के लिए 5 बिलियन डॉलर निवेश की जरूरत हो सकती है. इसके अलावा तेल और गैस निकालने के लिए फिकस लोकेशन तय करने में 4 से 5 साल का वक्त लग सकता है.
तो क्या ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि आर्थिक संकट से जूझ रहा पड़ोसी देश पाकिस्तान ये इस खोज में और लगाने को तैयार है?
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