महंगाई ने आम आदमी का बजट बिलकुल हिला कर रख दिया है। पहले आलू फिर प्याज और अब सरसों तेल की बारी आई। सरसों तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की टेंशन बढ़ा दी है।
नई दिल्ली: महंगाई ने आम आदमी का बजट बिलकुल हिला कर रख दिया है। पहले आलू फिर प्याज और अब सरसों तेल की बारी आई। सरसों तेल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की टेंशन बढ़ा दी है। एक तरफ जहां त्योहारों चल रहा है दूसरी ओर महामारी से हलात खराब है और अब ये महंगाई भी आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा रही है। हाल फिलहाल इसके दाम काबू में आते हुए नज़र नहीं आ रहे हैं।

ऐसे दें घर का किराया और लें कैशबैक, जानें तरीका ये भी पढ़ें
20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि
यूं कहें कि महंगाई की मार ने हदें पार कर दी है। खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें अब सरकार के लिए चिंता का कारण बन गई है। देश में खाद्य तेल की लगातार बढ़ती कीमतों ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है।। सभी खाद्य तेलों जैसे मूंगफली, सरसों, वनस्पती, ताड़ की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है। इधर सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की कीमतें पिछले एक साल की तुलना में औसततन 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं।
30 हजार टन प्याज के आयात के बाद कीमतें स्थिर
बता दें कि मिली जानकारी के मुताबिक इस संबंध में गृह मंत्री अमित शाह ने सप्ताह की शुरुआत में मंत्रियों संग बैठक की। बैठक में कहा गया कि करीब 30 हजार टन प्याज के आयात के चलते देश में प्याज की कीमतें स्थिर हो गई हैं। आलू की कीमतें भी स्थिर हुई हैं। हालांकि लगातार खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों चिंता बढ़ा दी है। इन खाद्य सामग्रियों में लगातार वृद्धि जारी है।
सरसों तेल की कीमत 120 रुपए
वहीं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की मूल्य निगरानी सेल से मिले डेटा से पता चलता है कि गुरुवार को सरसों के तेल की औसत कीमत 120 रुपए किलो रही जबकि पिछले साल इसी समय तेल की कीमत 100 रुपए प्रतिकिलो थी। वनस्पती की कीमत पर भी 75.25 रुपए से बढ़कर 102.5 किलोग्राम पहुंच गई। सोयाबीन का तेल 110 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है जबकि अक्टूबर, 2019 में ये 90 के भाव से बिक रहा था। सूरजमुखी और ताड़ के तेल में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई। इन सभी तेल का दाम बढ़ गया है।
वहीं कुछ सूत्रों ने बताया कि पिछले छह महीनों से मलेशिया से ताड़ के तेल उत्पादन में कमी अन्य खाद्य तेलों की बढ़ी कीमतों के कारणों में से एक है। देश में करीब 70 फीसदी ताड़ के तेल का इस्तेमाल खाद्य उद्योग द्वारा किया जाता है, जो इसका सबसे बड़ा थोक उपभोक्ता भी है। उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ताड़ के आयात शुल्क को कम करना है या नहीं, इस पर सरकार को विचार करना है, क्योंकि ताड़ तेल की बढ़ती कीमतें सीधे अन्य खाद्य तेलों पर प्रभाव डालती है।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार



Click it and Unblock the Notifications