नई दिल्ली, जुलाई 29। आरबीआई ने गुरुवार को एक और बैंक का लाइसेंस कैंसल कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने मडगाम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मडगांव, गोवा का लाइसेंस रद्द कर दिया है। दरअसल मडगाम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक अपनी वर्तमान वित्तीय हालत के आधार पर अपने वर्तमान जमाकर्ताओं का पूरा पैसा चुकाने में असमर्थ है। इसीलिए आरबीआई ने ये सख्त कदम उठाया है।
ग्राहकों को क्या होगा
अच्छी बात यह है कि मडगाम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के 99 फीसदी ग्राहकों को अपना पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। आरबीआई ने कहा है कि बैंक द्वारा जमा किए गए आंकड़ों के अनुसार, लगभग 99 प्रतिशत जमाकर्ताओं को जमा बीमा एवं क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से उनका पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। परिसमापन (लिक्विडेशन) पर प्रत्येक जमाकर्ता अपनी जमा राशि का डीआईसीजीसी से 5 लाख रुपये तक प्राप्त करने का हकदार होगा।
बैंक का क्या होगा
आरबीआई ने कहा कि सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, गोवा से भी बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है। आरबीआई ने कहा कि मडगाम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं और ये बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के विभिन्न प्रावधानों का पालन करने में नाकामयाब रहा है।
नहीं कर पाएगा पूरा भुगतान
आरबीआई ने यह भी कहा है कि बैंक अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति के साथ अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगा। यदि बैंक को अपने बैंकिंग बिजनेस को और आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाती है तो इसका लोगों के हितों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इसीलिए लाइसेंस रद्द करने के नतीजे में मडगाम अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मडगांव, गोवा को 'बैंकिंग' बिजनेस करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ये फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
जमाकर्ताओं को पेमेंट की प्रोसेस
लाइसेंस रद्द होने और परिसमापन की कार्यवाही शुरू होने से जमाकर्ताओं को पेमेंट करने की प्रोसेस शुरू हो जाएगी। बता दें कि करीब 2 हफ्ते पहले आरबीआई ने महाराष्ट्र के डॉ. शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था। आरबीआई ने उस बैंक के लिए भी पर्याप्त पूंजी न होने और कमाई की संभावनाएं नहीं के बराबर बची होने की दलील दी थी। आरबीआई के उस बैंक का लाइसेंस रद्द करते ही बैंक के साथ सभी तरह के लेनदेन पर रोक प्रभावी हो गई थी।
महाराष्ट्र के कई बैंकों का लाइसेंस कैंसल
आपको बात दें कि आरबीआई महाराष्ट्र के कई बैंकों पर इसी तरह की कार्रवाई कर चुका है। इस तरह के करीब आधा दर्जन बैंक हैं, जिनमें ग्राहकों का जमा पैसा फंसा हुआ है। इस तरह बैंकों के मामले में सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक जैसे तनावग्रस्त बैंकों में जमाकर्ताओं को राहत देने के लिए, यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम अधिनियम, 1961 (डीआईसीजीसी अधिनियम) में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस संशोधन का उद्देश्य पीएमसी बैंक, यस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक जैसे बैंकों के जमाकर्ताओं के सामने आने वाली दिक्कतों को कम करना है।
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