नई दिल्ली, जून 8। आज आरबीआई ने जून मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के अंतिम दिन रेपो रेट में आधा फीसदी की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। इसके साथ ही आरबीआई ने कई और बड़े ऐलान किये हैं। इनमें एक है क्रेडिट कार्ड और यूपीआई को लिंक करना। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव करते हुए, आरबीआई ने आज कहा कि क्रेडिट कार्ड को भी यूपीआई खातों से लिंक करने की अनुमति होगी। इसकी शुरुआत स्वदेशी रुपे क्रेडिट कार्डों को लिंक करने की अनुमति के साथ होगी। इसके बाद वीज़ा और मास्टरकार्ड जैसे अन्य कार्ड इस नेटवर्क में आएंगे। इससे होगा ये कि आप यूपीआई से भी क्रेडिट कार्ड की पेमेट कर सकेंगे। अब तक ग्राहक केवल अपने डेबिट कार्ड को यूपीआई से लिंक कर सकते थे।
कैसी होगी पेमेंट
आरबीआई की यूपीआई को क्रेडिट कार्ड से लिंक करने की सुविधा शुरू करने के बाद बिना स्वाइप के पेमेंट करना संभव हो जाएगा। इसके लिए आपको क्रेडिट कार्ड और यूपीआई को लिंक करना होगा। फिर सीधे क्यूआर कोड को स्कैन करें और पेमेंट हो जाएगी। पेमेंट के दौरान क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड में से चुनने का ऑप्शन मिलेगा। यूपीआई ऐप से पेमेंट करने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। पेमेंट करने के लिए उसे सबमिट करना होगा।
ई-मैंडेट को बना दिया जरूरी
सब्सक्रिप्शन वाले भुगतान को भी आरबीआई ने आसान बना दिया। ओटीटी प्लेटफॉर्म के सब्सक्रिप्शन या स्कूल फीस और गैस की पेमेंट आदि जैसे रेकरिंग पेमेंट के लिए ई-मैंडेट जरूरी होगा।
ई-मैंडेट की लिमिट तीन गुना
ई-मैंडेट को अनिवार्य करने के साथ साथ इसकी ट्रांजेक्शन की लिमिट बढ़ाई गयी है। इस लिमिट को 3 गुना तक बढ़ा दिया गया है। पहले ये लिमिट 5000 रुपये थी, जो अब 15 हजार रुपये होगी। आरबीआई गवर्नर के अनुसार इन दोनों कदमों से डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
ओटीपी का झंझट खत्म
इसी कड़ी में आरबीआई ने एक और छूट दी है। वो यह कि अब ग्राहकों को केवल 15000 रु से ऊपर की रेकरिंग पेमेंट (बार बार किए जाने वाले भुगतान) के लिए ओटीपी की जरूरत होगी।
लोन लिमिट में बढ़त
शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंकों द्वारा दिए जाने वाले इंडिविजुअल होम लोन की लिमिट को पिछले दशक में घरों की कीमतों में हुई वृद्धि को ध्यान में रखते हुए संशोधित कर 100 फीसदी से अधिक बढ़ाया गया है।
महंगाई को रोकने के उपाय
आरबीआई ने महंगाई रोकने के लिए रेपो दर बढ़ाई है। आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि आरबीआई के आगे के कदम मुद्रास्फीति-विकास की गतिशीलता पर निर्भर करेंगे। एमपीसी ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से ऊपर रहने की संभावना है।
एसडीएफ और एमएसएफ
स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) और सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) दरों में 50 आधार अंकों की वृद्धि की गई। स्थायी जमा सुविधा दर अब 4.65 प्रतिशत है, और सीमांत स्थायी सुविधा दर अब 5.15 प्रतिशत है। महामारी संबंधी उपायों को सामान्य करते हुए, आरबीआई बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त लिक्विडिटी सुनिश्चित करेगा। आरबीआई सरकारी प्रतिभूति बाजार की बहुत बारीकी से निगरानी कर रहा है। जब भी आवश्यकता होगी ये आवश्यक कदम उठाएगा।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 30 मार्च को सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट



Click it and Unblock the Notifications