RBI Repo Rate on Home Loan: जिस फैसले का काफी समय से आम जनता को इंतजार था वह समय अब आ चुका है। RBI Monetary Policy Committee की फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की दूसरी मीटिंग 5 जून से शुरु हुई है और आज 7 जून को इस बैठक में रेपो रेट को बदला नहीं गया है। इसका असर आम जनता के कार लोन, होम लोन समेत अन्य पर्सनल लोन पर पड़ेगा। चलिए जानते हैं कि आरबीआई ने रेपो रेट पर क्या फैसला दिया है।

EMI पर क्या पड़ेगा असर?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित रेपो दर, भारत में होम लोन की ब्याज दरों को निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाती है।
रेपो दर अपरिवर्तित रहने के कारण, बैंकों द्वारा अपनी उधार दरों में जल्द बदलाव करने की संभावना नहीं है, यानी आपकी EMI अभी वही रहेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि आपको जितने ईएमआई का बोझ उठाना पड़ रहा था उतना ही देना पड़ेगा।
RBI मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने आज यानी 7 जून को रेपो दर को 6.50% पर बनाए रखने का फैसला किया यानी होम लोन EMI पर तुरंत कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आपको बता दें कि ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव रियल एस्टेट की मांग को प्रभावित करता है।
रेपो रेट को स्थिर बनाने का किया गया फैसला
आरबीआी के गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार, MPC के छह में से 4 सदस्य रेपो रेट में किसी भी बदलाव के पक्ष में नहीं दिखे और नए फाइनेंशियल ईयर की ये दूसरी MPC Meeting है जिसमें फिलहाल रेपो रेट 6.50 फीसदी पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है।
रिजर्व बैंक ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो रेट बदला था और इसे 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.50 फीसदी कर दिया था और इसके बाद से इसे चेंज नहीं किया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 8वीं बार रेपो रेट को बरकरार रखा है।
अगर ब्याज दरें कम हो जाती तो क्या असर होता?
आपको बता दें कि कम ब्याज दरें आम तौर पर लोन को अधिक किफायती बनाकर मांग को बढ़ाती हैं, जिससे संपत्ति की कीमतें बढ़ सकती हैं। वहीं, अधिक ब्याज दरें मांग को कम कर सकती हैं और इसके कारण आपकी संपत्ति की कीमतें कम हो सकती हैं।
अगर कम हो जाता रेपो रेट तो लोन पर क्या प्रभाव पड़ता?
अगर RBI रेपो दर कम कर देता, तो बैंकों के लिए केंद्रीय बैंक से पैसे उधार लेना सस्ता हो जाता। इससे अक्सर बैंक आम जनता के होम लोन पर लगाए जाने वाले ब्याज दरों को कम कर देते और इससे उधारकर्ताओं के लिए घर खरीदना अधिक उनके बजट में हो सकता था, क्योंकि कम ब्याज दरों का मतलब आपको कम EMI देनी पड़ती।
आरबीआई गवर्नर ने एमपीसी बैठक के फैसले का एलान करते हुए कहा है कि वित्तीय वर्ष 25 में रियल जीडीपी ग्रोथ 7.2% रहने का अनुमान है। इसके साथ ही उन्होंने शहरी क्षेत्रों में स्थिर खर्च के साथ निजी खपत में सुधार होने की भी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि निवेश गतिविधियों में भी तेजी देखी जा रही है।
More From GoodReturns

Bank Account बदलना है? RBI ले आया बड़ा Rule, ग्राहकों को राहत, Bank रोएंगे?

Stock Market Update: मार्च में क्रैश हुआ बाजार, अप्रैल में कैसी रहेगी बाजार की चाल?

Gold Price: Gold से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव, निवेशकों के लिए बड़ा झटका अब देना होगा टैक्स!

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Gold Rate Today: 6 अप्रैल को सोने की कीमतों में फिर आई जबरदस्त गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति



Click it and Unblock the Notifications