नई दिल्ली। अर्थव्यवस्था के लिए आ रही लगातार बुरी खबरों के बीच अच्छी खबरें भी आ रही हैं। लेकिन हम लोग निराशाजनक माहौल के चलते उन पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। ऐसी ही एक खबर और आई है कि देश में पेट्रोल की बिक्री ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसका मलतब यह हुआ कि पेट्रोल पर टिकी अर्थव्यवस्था में तेज सुधार दर्ज हुआ है। हालांकि यह पहली चीज नहीं है। इससे पहले मारुति ने अगस्त 2020 में अगस्त 2019 की अपेक्षा ज्यादा कारें बेची थी। इसका मतलब मारुति से जुड़ा कारोबार पटरी पर ही नहीं बल्कि तेज गति से आगे बढ़ा है।

मारुति के बिक्री के आंकड़े
मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) की बिक्री अगस्त 2020 में 17.1 प्रतिशत बढ़कर 1,24,624 इकाई रही है।एक साल पहले समान महीने में मारुति ने 1,06,413 वाहन बेचे थे। कंपनी ने कहा कि अगस्त में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री 20.2 प्रतिशत बढ़कर 1,16,704 इकाई पर पहुंच गई, जो अगस्त, 2019 में 97,061 इकाई रही थी।
यह अभी शुरुआत भर है
देश में ज्यादातर क्षेत्रों में कारोबारी गतिविधियां तेजी से शुरू हो रही हैं। जहां तक आंकड़ों की बात है तो पहली तिमाही में जीडीपी करीब 24 फीसदी गिरी है। लेकिन यह तब है जब देश में पूरी तरह से लॉकडाउन लागू रहा था। ऐसे में जीडीपी गिरना तय ही था। अब जुलाई से सितंबर 2020 तिमाही के जीडीपी के आंकड़े आने की बारी अगले महीने आएगी। अगर कारें खूब बिक रही हैं, पेट्रोल खूब बिक रहा है, तो यह तय मानिए कि चर्चा चाहे जो हो जीडीपी में 24 फीसदी जैसी गिरावट तो नहीं ही दिखेगी।
इसके बाद शुरू होगा त्योहारी सीजन
वर्ष की हर तीसरी तिमाही देश के अच्छी साबित होती है। हर साल अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक जमकर त्योरी सीजन रहता है। ऐसे में कारोबारी तेजी दर्ज होना तय है। ऐसे में ज्यादा निराशाजनक रहना ठीक नहीं है। कारोबारी तेजी या गिरावट का चक्र चलता बहुत ही तेजी के साथ है। जब गिरावट आई तो यह जीडीपी को 24 फीसदी का नुकसान कर गई। लेकिन जैसे ही यह कारोबार चलना शुरू होगा यह दोगुनी रफ्तार से दौड़ेगी। इसका मुख्य कारण है कि जैसी कारोबार बढ़ेगा, रोजगार बढ़ेगा। जिसको रोजगार मिलेगा वह बाजार से खरीदारी शुरू करेगा। यह खरीदारी नए कारोबार के मौके बनाएगी। यह चक्र है, जो एक बार चला तो फिर चलता ही रहता है।
आइये जानें पेट्रोल और डीजल की बिक्री के आंंकड़े
जुलाई और अगस्त में पेट्रोल और डीजल की मांग में भारी कमी आ गई थी। लेकिन सितंबर 2020 के शुरुआती 15 दिनों में इन दोनों की बिक्री बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार सितंबर के शुरुआती 15 दिनों में पेट्रोल की खपत पिछले साल की इसी समयावधि की तुलना में इस बार 2 फीसदी दर्ज की गई है। जहां तक डीजल की बिक्रा की बिक्री की बात है तो यह लॉकडाउन के पहले के दौर के 94 फीसदी के बराबर पर पहुंच गई है। वहीं अगस्त 2020 के शुरुआती 15 दिनों की तुलना में 19 फीसदी बढ़ी है।
विमान ईंधन की बिक्री ज्यादा नहीं बढ़ी
वहीं सितंबर 2020 में विमान ईंधन की बिक्री भी अगस्त की तुलना में 15 फीसदी बढ़ी है। हालांकि यह अभी भी लॉकडाउन के पहले के स्तर से 60 फीसदी कम ही है। हालांकि एलपीजी यानी गैस सिलेंडर की बिक्री इस दौरान पिछले साल की तुलना में 12 फीसदी बढ़ी है।
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