नई दिल्ली, मई 4। आज दोपहर 2 बजे एक आश्चर्यजनक मीडिया ब्रीफिंग में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर ने घोषणा की कि प्रमुख नीतिगत दरों (रेपो रेट) में वृद्धि की गई है। की गई घोषणा के अनुसार आरबीआई ने रेपो दर को पहले के 4 फीसदी से 40 बीपीएस बढ़ा कर 4.40 फीसदी कर दिया गया है। पिछली बार रेपो दर में मई 2020 में कटौती की गई थी और तब से इसे अपरिवर्तित रखा गया है। बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
कैश रिजर्व रेशियो बढ़ा
रेपो रेट के अलावा कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में 50 बीपीएस की बढ़ोतरी की गई है, जो ब्याज दरों पर और दबाव बनाएगा। ऐसा प्रतीत होता है कि उधारकर्ताओं को बढ़ते ईएमआई बोझ के लिए तैयार रहना चाहिए और एफडी निवेशक नई एफडी पर बेहतर रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं। ऐसे कई संकेत हैं जो इशारा कर रहे हैं कि यह ब्याज दर वृद्धि चक्र की शुरुआत हो सकती है।
बढ़ रही महंगाई
वैश्विक संकेतकों के अनुसार अमेरिका में खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में 40 साल के उच्च स्तर 8.5 प्रतिशत पर पहुंच गई है। साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी आगामी नीति घोषणा में 50 आधार अंक (100 आधार अंक = 1%) की बढ़ोतरी का संकेत दिया है। बता दें कि आरबीआई ने मुद्रास्फीति को कंट्रो करने का हवाला देते हुए ही रेपो रेट बढ़ाई है।
भारत में कितनी हुई खुदर महंगाई
मार्च 2022 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई भारत में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ कर 6.95 फीसदी हो गई है। अप्रैल की मौद्रिक नीति में, केंद्रीय बैंक ने कहा था कि अब प्राथमिक ध्यान यह सुनिश्चित करना है कि मुद्रास्फीति ग्रोथ को सपोर्ट देते हुए लक्ष्य के भीतर बनी रहे। केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य खुदरा मुद्रास्फीति का प्रबंधन करना और यह सुनिश्चित करना है कि यह 2-6% की सीमा के भीतर रहे।
शॉर्ट टर्म डिपॉजिट की दरें पहले बढ़ सकती हैं
जब भी ब्याज दर चक्र नीचे से यू-टर्न लेता है, तो यह आमतौर पर छोटी से मध्यम अवधि की ब्याज दरें होती हैं जिनके पहले बढ़ने की संभावना होती हैं। जहां तक लंबी अवधि की ब्याज दरों का सवाल है, इन दरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने में थोड़ा अधिक समय लगेगा। यदि आप अभी एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं या अपनी मौजूदा एफडी को रिन्यू करना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि आप छोटी अवधि की एफडी, जैसे एक वर्ष या उससे कम अवधि का ऑप्शन चुनें, ताकि आपकी जमा राशि लंबे समय तक कम दर पर लॉक न हो। जब भी शॉर्ट से लेकर मिड-टर्म की दरें बढ़ती हैं, तो आप अपने हिसाब से एफडी की अवधि बढ़ाना शुरू कर सकते हैं।
लोन लेने वाले क्या करें
यदि आप कोई ऋण लेने की योजना बना रहे हैं, तो आप इसे जल्द ही ले लें, क्योंकि ऋण पर ब्याज दर जल्द ही बढ़ना शुरू हो सकती है। यह वृद्धि मौजूदा उधारकर्ताओं के साथ-साथ बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए बुरी खबर है, क्योंकि वे जल्द ही ऋण पर ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर देंगे, जिसका अर्थ है कि लोन ईएमआई भी बढ़ जाएगी। सभी लोन नवीनतम नीतिगत निर्णय से प्रभावित होंगे, चाहे वह होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन हो। अगर आप ऑटो लोन या पर्सनल लोन जैसे फिक्स्ड रेट लोन के मौजूदा कर्जदार हैं, तो ब्याज दर में बढ़ोतरी का आपके लोन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, और आप अपनी मौजूदा ईएमआई का भुगतान जारी रख सकते हैं।
More From GoodReturns

Gold Rate Today: 1 अप्रैल को सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार



Click it and Unblock the Notifications