Recovery from Fugitive : देश के सरकारी बैंकों को चुना लगाकर भागने वाले अपराधियों से वसूली में काफी तेजी आई है। नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे भगोड़ों से अब 15,000 करोड़ रु से अधिक राशि वसूल की गई है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय को तरफ से दी गई है। आइए जानते हैं इन भगोड़ों के बारे में।

विजय माल्या
विजय माल्या जिनका जन्म 18 दिसंबर 1955 में हुआ था। ये यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप और किंगफिशर एयरलाइंस के चेयरमैन थे। हालांकि, वर्ष 2010 के मध्य में माल्या को फाइनेंशियल दिक्कतों के आरोपों का सामना करना पड़ा। माल्या पर कर्ज न अदा करने का आरोप था। माल्या ने साल 2016 में भारत छोड़ दिया और तब से यूके में रह रहा है।
नीरव मोदी
नीरव मोदी जिसका जन्म 27 फरवरी 1971 को हुआ था। ये नीरव मोदी ब्रांड के संस्थापक हैं, जिसने अपने हाई क्वॉलिटी वाले हीरे के आभूषणों के लिए इंटरनेशनल पहचान हासिल की।
ये वर्ष 2018 में एक काफी बड़े फाइनेंशियल घोटाले के केंद्र बन गए जब यह पता चला कि ये पंजाब नेशनल बैंक में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी में शामिल थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नीरव पर पीएनबी से 14 हजार करोड़ रु की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
नीरव मोदी और उनके सहयोगी ने फेक अंडरटेकिंग लेटर और लोन सुविधाएं प्राप्त करने के लिए बैंक के अधिकारियों के साथ मिली भगत की। जिस वजह से बैंक को अरबों रु का नुकसान हुआ। वह वर्ष 2018 की शुरुआत में देश से भाग गया।
दीप्ति चेतन जयंतीलाल संदेसरा, नितिन जयंतीलाल संदेसरा, चेतन जयंतीलाल संदेसरा
दीप्ति चेतन जयंतीलाल संदेसरा, नितिन जयंतीलाल संदेसरा, चेतन जयंतीलाल संदेसरा और हितेश पटेल फार्मास्युटिकल कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के निदेशक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले में फंस गए हैं। कंपनी और इनके निर्देशकों पर लोन पर चूक करने और धन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया जिस वजह से और वित्तीय संस्थानों को महत्वपूर्ण नुकसान हुआ।
हितेश कुमार नरेंद्रभाई पटेल
स्टर्लिंग बायोटेक और संदेसरा ग्रुप से जुड़े 8 हजार 100 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी में वांछित भगोड़ा कारोबारी हितेश नरेंद्रभाई पटेल कथित तौर पर वित्तीय संस्थानों से प्राप्त लोन को निकालने के लिए बेनामी संस्थाएँ चलाता था।
आसिफ इकबाल मेनन और जुनैद इकबाल मेनन और हाजरा इकबाल मेनन
ये लोग गुजर चुके इकबाल मिर्ची के परिवार के सदस्य हैं, इकबाल मिर्ची के साथ संबंधों के वजह से फैमिली को जांच का सामना करना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इकबाल मिर्ची अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम काफी करीबी सहयोगी था। वर्ष 2013 में उनके गुजर जाने के बाद उनकी फैमिली को मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध गतिविधियों में कथित संलिप्तता से संबंधित जांच का सामना करना पड़ा।
ललित मोदी
सबसे पहले आईपीएल को ललित मोदी ने लोकप्रिय बनाया था। जब ललित मोदी आईपीएल के कमिश्नर थे जब ये घोटाला हुआ था। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने मीडिया अधिकारों की नीलामी के बाद बीसीसीआई से संपर्क किया। इसने ऐलान की कि डब्ल्यूएसजी मॉरीशस को आईपीएल के प्रसारण के मीडिया अधिकार दिए गए हैं।
हालांकि, डब्ल्यूएसजी और बीसीसीआई के बीच ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने अकेले ही इन अनुबंधों पर बातचीत की और मीडिया के अनुसार, उन्हें 125 करोड़ रु मिले होंगे। ये अब ब्रिटेन में शरण की तलाश में है।
नीशाल मोदी
नीशाल मोदी जो नीरव मोदी के भाई हैं, जिनकी शादी मुकेश और अनिल अंबानी की भतीजी इशिता सालगावकर से हुई है। नीशाल मोदी पर पीएनबी घोटाले में शामिल होने का भी आरोप है।
मेहुल चौकसी
मेहुल चोकसी जो नीरव मोदी के चाचा है वे भी पीएनबी घोटाले का हिस्सा थे। उस पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा है, जहां वह अब एक नागरिक है।
विनय मिश्रा
टीएमसी युवा विंग के नेता विनय मिश्रा को दिल्ली की एक अदालत द्वारा अपराधी घोषित करने के बाद ईडी उनके खिलाफ एफईओ प्रोसेस शुरू करने के लिए तैयार है।


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