S&P Global : फिजिकल और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में पूंजी संचय और वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था को वित्त वर्ष 2024 और 2031 के बीच औसतन 6.7 फीसदी की वृद्धि तक पहुंचाएगी और अगामी 8 सालों में अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना कर 6.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाएगी। यह बात गुरुवार को एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने जारी अपनी रिपोर्ट में कही है।
एसएंडपी की तरफ से कहा गया है कि भारत उस समय का लाभ उठा सकता है जब दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन और अनिश्चितता का सामना कर रही है। एसएंडपी ने वित्त वर्ष 2031 तक भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी बढ़कर 4 हजार 500 डॉलर होने का अनुमान लगाया है।

मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार, एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के ग्लोबल चीफ इकोनाॅमिस्ट पॉल ग्रुएनवाल्ड की तरफ से कहा गया है कि आने वाले दशक में देश के लिए बड़ी चुनौती पारंपरिक रूप से असमान विकास को उच्च और स्थिर प्रवृत्ति में बदलना है।
एसएंडपी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि स्वस्थ कॉर्पोरेट बैलेंस शीट को देखते हुए भारतीय निजी सेक्टर में धीरे-धीरे इंवेस्टमेंट बढ़ाएगा। एसएंडपी ग्लोबल की तरफ से आगे कहा गया है कि दक्षता बढ़ाने वाले सुधारों के साथ-साथ फिजिकल और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के वजह उत्पादकता योगदान से वृद्धि अधिक होगी।
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि देश की औसत जीडीपी वृद्धि में पूंजी का योगदान 53 फीसदी होगा, जबकि उत्पादकता जीडीपी वृद्धि में 30 फीसदी का योगदान करेगी। मीडिया रिपोर्टस् के अनुसार विशेषज्ञों की तरफ से कहा गया है कि भारत को लगातार विकास की स्थिति बनाने के लिए श्रम बल भागीदारी संघवाद और विनिर्माण क्षेत्र में निजी निवेश बढ़ाने के मामले में और ज्यादा काम करने की आवश्यकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2030 तक महाराष्ट्र की जीडीपी 824.51 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है और वही, तमिलनाडु की जीडीपी 650.34 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।


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