
Budget 2023 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2023 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। ये 2024 के मध्य में होने वाले आम चुनावों से पहले वर्तमान सरकार का आखिरी फुल बजट होगा। कई सेक्टरों की बजट से काफी उम्मीदे हैं। इनमें क्रिप्टो और शेयर बाजार भी शामिल हैं। आने वाले वर्षों में उच्च सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ सुनिश्चित करने के लिए सरकार बजट में कैपेक्स, इंफ्रा के निर्माण और इंपोर्ट सब्सटिट्यूशन को सपोर्ट करने के कदम उठा सकती है। ऐसे में जिन सेक्टरों पर सरकार का फोकस रहेगा, उस सेक्टर की कंपनियां भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी। नतीजे में उन सेक्टरों की लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में बाउंस आएगा।
ग्रामीण और कृषि पर खर्च बढ़ेगा
अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी बजट में ग्रामीण/कृषि खर्च में 10 अरब डॉलर की वृद्धि होने की संभावना है। यह वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 15% की वृद्धि होगी। यह देखते हुए कि देश में 2024 में चुनाव होने वाले हैं चालू वित्त वर्ष में पब्लिक कैपेक्स में 20 प्रतिशत की वृद्धि को दोहरे अंकों में बनाए रखने की संभावना है।
टैक्स में राहत
जानकार कहते हैं कि पिछले 4 वर्षों में, आम जनता के लिए आयकर स्लैब में छूट नहीं दी गयी है। इस बार कुछ रियायत की उम्मीद है। चुनाव से पहले के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए खर्च भी शामिल होगा, जो पिछले 1 साल से तनाव का सामना कर रहा है। साथ ही लोकलुभावन कल्याणकारी योजनाएं, और हेल्थ इंफ्रा पर खर्च बढ़ेगा और ग्रोथ पर फोकस रहेगा। पीएलआई कई पॉलिसियों के माध्यम से एक ट्रेंड के रूप में मैन्युफैक्चरिंग सफल रहा है। इसमें और विस्तार हो सकता है। ऐसे में इन तमाम सेक्टरों से जुड़ी कंपनियों पर दांव लगाने का मौका होगा।
इंफ्रा और इससे जुड़े सेक्टरों पर करें फोकस
इसके अलावा, जैसा कि आने वाले वर्षों में कैपेक्स साइकिल की उम्मीद की जा रही है और जैसा कि सरकार मैन्युफैक्चरिंग कैपेक्स, औद्योगिक पार्कों, निर्माताओं के लिए रियायतें आकर्षित करना चाहती है, इंफ्रा के निर्माण पर खर्च फोकस में रहेगा। जीडीपी के लिए एनर्जी की लागत को कम करने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और आयात के बोझ को कम करने के लिए रिन्युएबल एनर्जी पर फोकस किया जाएगा। अनुमान है कि सरकार इसे सौर, पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन, ईवी से संबंधित रियायती घोषणाओं के माध्यम से आगे बढ़ा सकती है।
ये हो सकते हैं बाकी सेक्टर
पीएलआई से संबंधित क्षेत्र, विशेष रूप से कपड़ा, फार्मा, ऑटोमोबाइल और रसायन सरकार के जोर देने से लाभान्वित हो सकते हैं। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग भी एक अहम सेक्टर हो सकता है, जिस पर सरकार ध्यान दे सकती है।
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