Sony-Zee Merger News: सोनी ग्रुप ने आधिकारिक तौर पर जी एंटरटेनमेंट के साथ 10 अरब डॉलर की डील को रद्द करने का फैसला किया है। सोनी गुप ने अपने भारतीय कारोबार को जी इंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के साथ मर्जर का प्रस्ताव था। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से 22 जनवरी को अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जापान की एंटरटनेमेंट कंपनी सोनी ग्रुप ने जी इंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज को आज यानी 22 जनवरी 2024 को आधिकारिक तौर पर टर्मिनेशनल लेटर भेज दिया है।
हालांकि, अभी तक दोनों कंपनियों की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। स्टॉक एक्सचेंजों को भी सुबह 10 बजे तक इस बारे में नहीं बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सोनी ने इस टर्मिनेशन लेटर में मर्जर एग्रीमेंट को पूरा नहीं करने को वजह बताया है।

सोनी ग्रुप की ओर से यह डील रद्द करने की खबर एक ऐसे समय पर आ रही है, जब कुछ समय पहले ही जी इंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा था कि वो कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट के साथ 10 अरब डॉलर की डील को सफलतापूर्वक पूरी करने की कोशिश कर रही है। कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंटका पुराना नाम सोनी पिक्चर एंटरटेनमेंट है।
19 जनवरी 2024 को कंपनी ने कहा था कि हम बताना चाह रहे हैं कि सोनी के साथ मर्जर को लेकर प्रतिबद्ध हैं और इस प्रस्ताव को पूरा करने पर काम कर रहे हैं। इस स्कीम को सही से लागू करने के लिए मर्जर की प्रभावी तारीख आगे बढ़ाने के लिए हम सोनी के साथ बातचीत कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग ने इसके पहले एक रिपोर्ट में कहा था कि सोनी इस डील को रद्द करने पर विचार कर रहा है। दोनों पार्टी के बीच मर्जर के बाद नई कंपनी में लीडरशीप को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है।
2021 में दोनों कंपनियों के बीच करीब 10 अरब डॉलर की इस डील पर बातचीत शुरू हुई थी। 21 दिसंबर 2023 को यह डील पूरी होनी थी। जी ने मर्जर की डेडलाइन को आगे बढ़ाने के लिए सोनी से बातचीत भी की थी और इसपर सहमति भी बनी चुकी थी। हालांकि, इस वीकेंड पर ही 30 दिन के लिए मर्जर की प्रभावी तारीख को आगे बढ़ाने की डेडलाइन पर अब खत्म हो चुकी है।
सोनी जी एंटरटेनमेंट डील में कहां अटका पेंच
रिपोर्ट के मुताबिक सोनी ग्रुप ने टर्मिनेशन लेटर में डील रद्द करने के कारण के बारे में भी बताया है। सोनी के मुताबिक विलय समझौते की शर्तों को पूरा नहीं करने की वजह से यह फैसला लिया गया है। तमाम मीडिया रिपोर्ट बताती है कि इस डील में सबसे बड़ा पेच पुनीत गोयनका के पद संभालने को लेकर था। सोनी ग्रुप पुनीत गोयनका को मर्जर के बाद वजूद में आने वाली कंपनी का नेतृत्व करने देने के पक्ष में नहीं था। सोनी ग्रुप का कहना था कि पुनीत गोयनका सेबी की जांच का सामना कर रहे हैं और उन पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं। वहीं, जी एंटरटेनमेंट इस बात पर जोर दे रहा था कि साल 2021 के मर्जर समझौते के अनुसार गोयनका नई इकाई का नेतृत्व करेंगे। बाजार नियामक सेबी द्वारा गोयनका को कोष दुरुपयोग मामले में किसी भी कंपनी में प्रबंधकीय पद संभालने से रोक दिए जाने के बाद सोनी ग्रुप ने सवाल उठाए थे।गोयनका को इस मामले में प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण से राहत मिल गई है लेकिन दोनों पक्ष किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाए हैं।


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