नई दिल्ली, जुलाई 15। कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को फिर से सोने की कीमतें उछली। आज लगातार तीसरे दिन सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। आज गुरुवार 15 जुलाई को सोने की कीमतों में काफी इजाफा हुआ। इससे पहले आखिरी बार सोमवार को सोने सस्ता हुआ था। वहीं चांदी भी महंगी हुई। चांदी के दाम अब 69000 रु प्रति किलो के काफी ऊपर आ गए हैं। जानिए सोना और चांदी के आज के रेट।
15 जुलाई को सोने-चांदी के रेट
गुरुवार को सोने की कीमतें ऊपर चढ़ीं। आज 24 कैरेट वाले सोने की कीमतों में 319 रु प्रति 10 ग्राम की तेजी देखने को मिली। इससे 24 कैरेट वाले सोने का रेट प्रति 10 ग्राम 48155 रु से चढ़ कर 48474 रु पर पहुंच गया। चांदी की कीमतों की बात करें तो ये प्रति किलोग्राम 396 रु महंगी हो गयी। चांदी के दाम प्रति किलो 69120 रु से चढ़ कर 69516 रु पर पहुंच गए।
देखें बाकी कैरेट सोने के रेट
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के अनुसार कल शाम के रेट की तुलना में आज सुबह 23 कैरेट वाला सोना आज 318 रु महंगा होकर प्रति 10 ग्राम 48280 रु और 22 कैरेट वाला सोना 292 रु महंगा होकर 44402 रु पर आ गया। इसके अलावा 18 कैरेट वाले सोने का दाम भी 240 रु महंगा हुआ और यह प्रति 10 ग्राम 36356 रु पर आ गया। अंत में बात करें 14 कैरेट वाले सोने की तो यह प्रति 10 ग्राम 186 रु की तेजी के साथ 28357 रु पर पहुंच गया।
अपने शहर के रेट जानिए
अगर आप रोज अपने शहर के सोने और चांदी के रेट चेक करना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट के पेज (https://hindi.goodreturns.in/gold-rates/) पर विजिट करें। बता दें कि हमने जो सोने और चांदी के यहां बताए हैं, वे इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट के मुताबिक हैं। ध्यान रहे कि इन कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होगा। आप देश भर में कहीं भी सोना खरीदते या बेचते समय इन रेट का हवाला दे सकते हैं।
सस्ता सोना खरीदने का मौका
कल सस्ता खरीदने का आखिरी दिन है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम केवल 16 जुलाई 2021 तक के लिए खुली है। इस योजना में निवेश के कई फायदे हैं। सोने में निवेश के सभी उपलब्ध विकल्पों में से, इस ऑप्शन में उच्चतम रिटर्न हासिल कर सकते हैं, जिसमें पूंजी में वृद्धि (सोने की कीमतों में वृद्धि के कारण बाजार में रिटर्न) के साथ-साथ अतिरिक्त ब्याज (2.5% प्रति वर्ष) शामिल है।
जानिए बाकी फायदे
यदि आप मैच्योरिटी तक इन बॉन्ड को रखते हैं तो निवेश पर कोई कैपिटल गैन टैक्स नहीं लगेगा। दूसरी ओर गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड फंड के मामले में तीन साल के निवेश के बाद होने वाले कैपिटल गैन पर इंडेक्सेशन के बाद 20% टैक्स लगाया जाता है। आप लोन के लिए इन बॉन्ड्स को कॉलेट्रल के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यानी इन बॉन्ड्स को लोन के लिए गिरवी रखा जा सकता है। ये सिक्योर हैं, क्योंकि आपको फिजिकल फॉर्म में सोने की हिफाजत नहीं करनी होती।


Click it and Unblock the Notifications