
F&O trading : 24 मार्च शुक्रवार को लोकसभा में फाइनेंस बिल 2023 को मंजूरी दे दी गई है। फ्यूचर्स एंड ऑप्शन (एफएंडओ) कॉन्ट्रैक्ट की बिक्री कर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इस संशोधन के अनुसार, अब ऑप्शंस की सेल पर 1 करोड़ रु के टर्न ओवर पर 2100 रु का एसटीटी चुकाना होगा। पहले 1 करोड़ रु के टर्न ओवर टर्नओवर पर 1700 रु की राशि को चुकाना होता था। इसका मतलब यह है कि एसटीटी पर 23.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

फ्यूचर ट्रेडिंग की बिक्री पर 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है
अगर हम फ्यूचर ट्रेडिंग की बात करते है, तो फिर फ्यूचर ट्रेडिंग की बिक्री पर जहां 1 करोड़ रु के ट्रांजेक्शन पर 10 हजार रु एसटीटी चुकाना होता था। लेकिन अब इसको 25 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है और अब इसको बढ़ाकर 12,500 रु कर दिया गया है।

क्या होता है एसटीटी
सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) को वर्ष 2004 में लागू किया गया था। एसटीटी को कई तरह की सिक्योरिटीज पर लगाया जाता है। शेयर मार्केट में सभी तरह के लेने एसटीटी में शामिल है जैसे- , इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव जैसे फ्यूचर और ऑप्शन भी इसमें शामिल है। आप शेयर मार्केट में नुकसान में शेयर को बेच या फिर आप फायदे में शेयर को बेच दोनों ही स्थिति में आपको सरकार को टैक्स देना होता है। सरकार के द्वारा शेयर को खरीदी और बिक्री पर एसटीटी लगाया जाता है।
वर्ष 2023 में सरकार को एसटीटी के माध्यम से 20 हजार करोड़ रु की कमाई का अनुमान था
सरकार को वर्ष 2024 में एसटीटी के माध्यम से 27,635 करोड़ रु की राशि प्राप्त होने की उम्मीद है। अगर हम पिछले फाइनेंशियल ईयर के बजट अनुमान के मुकाबले बात करते है, तो फिर यह राशि करीब 10.5 प्रतिशत से अधिक है। वही, अगर हम वर्ष 2023 को बात करें, तो सरकार को एसटीटी के माध्यम से 20 हजार करोड़ रु की कमाई का अनुमान था। इसको बाद में रिवाइज किया गया था और इसको 25 हजार करोड़ रु कर दिया गया था। अगर हम इससे पहले की बात करें, तो वर्ष 2022 में एसटीटी से केंद्र सरकार को 23,191 करोड़ रु की कमाई हुई थी।


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