अगर आपका भी खाता सेंट्रल बैंक में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को तोहफा दिया है। बैंक ने ब्याज दरों में कटौती कर अपने कर्ज को सस्ता कर दिया है।
नई दिल्ली: अगर आपका भी खाता सेंट्रल बैंक में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों को तोहफा दिया है। बैंक ने ब्याज दरों में कटौती कर अपने कर्ज को सस्ता कर दिया है। Bank FD या Corporate FDs चेक करें कहां मिलेगा ज्यादा ब्याज ये भी पढ़ें

जी हां सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने एमएसीएलआर 0.05 फीसद घटा दी है। यह कटौती सभी अवधि के कर्ज के लिए की गयी है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (एमएसीएलआर) 0.05 फीसदी घटा दी है। यह कटौती सभी अवधि के कर्ज के लिए की गई है। नई दरें आज मंगलवार से यानी 15 सितंबर से प्रभाव में आएंगी। बैंक ने सोमवार को कहा कि उसने एक साल अवधि वाले कर्ज के लिए एमएसीएलआर 7.15 फीसदी से कम कर 7.10 फीसदी कर दी है।
क्या है नई ब्याज दरें
बैंक ने 1 दिन से 1 महीने के टेन्योर के लिए एमएसीएलआर की दर 6.60 से कम होकर अब 6.55 फीसदी हो गयी है। वहीं 3 महीने वाले कर्ज के लिए अब नई ब्याज दर 6.85 फीसदी हो गई है। वहीं 6 महीने के कर्ज के लिए अब ग्राहकों को 7 फीसदी ब्याज देनी होगी। बैंक ने कहा है कि लोन की कई ब्याज दर 15 सितंबर 2020 से लागू हो जाएगी। बैंक द्वारा एमएसीएलआर दर में की गई कटौती से कर्ज की ब्याज दर में कटौती होगी। ब्याज दर गिरने से लोगों की ईएमआई में बचत होगी।
ये 4 बैंक भी कर चुके हैं कटोती
आपको बता दें कि इससे पहले पिछले सप्ताह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी एमएसीएलआर में क्रमश: 0.05 फीसदी, 0.10 फीसदी और 0.10 फीसदी की कटौती की थी। यूको बैंक ने भी एमएसीएलआर में 0.05 फीसदी की कटौती की है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक की कटौती सभी कर्ज अवधियों के लिए थी। इंडियन ओवरसीज बैंक की नई दरें 10 सितंबर से प्रभावी हो चुकी हैं। इंडियन ओवरसीज बैंक में एक साल के कर्ज की एमएसीएलआर 7.55 फीसदी (पहले 7.65 फीसदी), तीन माह और छह माह की अवधि के कर्ज पर एमएसीएलआर घट कर क्रमश: 7.45 फीसदी और 7.55 हो गई है।
कटौती के बाद यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में एक साल की अवधि वाले कर्ज पर एमएसीएलआर 7.20 फीसदी हो गई है, जो पहले 7.25 फीसदी थी। वहीं बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने चुनिंदा कर्ज अवधियों पर एमएसीएलआर घटाई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैंक ने एक साल और छह माह के कर्ज पर एमएसीएलआर क्रमश: 7.40 फीसदी से घटाकर 7.30 फीसदी और 7.30 फीसदी से 7.25 फीसदी कर दी है। एक दिन, एक माह और तीन माह के कर्ज के लिए एमएसीएलआर संशोधित कर क्रमश: 6.80 फीसदी, 7 फीसदी और 7.20 फीसदी की गई है। यूको बैंक ने एक बयान में कहा कि कटौती के बाद एक साल की एमएसीएलआर 7.40 फीसदी से घटकर 7.35 फीसदी हो गई है। यह कटौती अन्य सभी अवधि के कर्ज पर भी समान रूप से लागू होगी।
क्या है एमएसीएलआर की गणना
मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (एमएसीएलआर) भारतीय रिजर्व बैंक का एक सिस्टम है जो कॉमर्शियल बैंक द्वारा ऋण ब्याज दर तय करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बैंक से कर्ज लेने पर ब्याज की दर तय करने के लिए अप्रैल, 2016 में आरबीआई ने एमसीएलआर की शुरुआत की थी। एमएसीएलआर की वजह से लोगों को बैंकों से लोन लेना आसान हो गया है। जब कोई आदमी किसी बैंक से कर्ज लेता है तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है। आधार दर से कम दर पर बैंक किसी को लोन नहीं दे सकता। इसी आधार दर की जगह पर अब एमएसीएलआर का इस्तेमाल किया जाता है। एमएसीएलआर की गणना कर्ज की राशि की सीमांत लागत, प्रीमियम, ऑपरेशन खर्च और नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर की जाती है। इस गणना के आधार पर लोन दिया जाता है। एमएसीएलआर आधार दर से सस्ता होता है। इस वजह से होम, ऑटो समेत तमाम तरह के लोन काफी सस्ते हुए हैं।


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