नयी दिल्ली। मध्य-पूर्व में चल चल रहे तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है। सोमवार को शेयर में आयी जोरदार गिरावट से निवेशकों को तगड़ा झटका लगा। शेयर बाजार के निवेशकों की संपत्ति एक ही दिन में 3 लाख करोड़ रुपये घट गयी। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस धमकी के बाद आयी, जिसमें उन्होंने इराक पर ऐसे भारी प्रतिबंध लगाने की बात कही है। बता दें कि ट्रम्प ने मध्य-पूर्व में ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बाद इराक पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। बीते रविवार को ट्रम्प ने कहा कि अगर इराक ने अमेरिकी सैनिकों को देश से वापस जाने के लिए मजबूर किया गया तो उस पर भारी प्रतिबंध लगाये जायेंगे। इराक पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।

क्या है पूरा मामला
टॉप ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के इराक में अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने के बाद इराकी संसद ने अमेरिकी और अन्य विदेशी सैनिकों को देश छोड़ने के लिए एक प्रस्ताव पास किया है। इसी प्रस्ताव के जवाब ने ट्रम्प ने इराक को धमकी दी है। इसका भारतीय शेयर बाजार पर काफी निगेटिव असर पड़ा है। आज सेंसेक्स में 788 अंकों की गिरावट दर्ज की गयी। दोपहर ढाई बजे तक बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों की संपत्ति 157 लाख करोड़ रुपये से घट कर 154 लाख करोड़ रुपये की रह गयी। पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें भी बढ़ी हैं। दुनिया के कुल तेल उत्पादन में लगभग आधा हिस्से पश्चिम एशिया का है।
बढ़े कच्चे तेल के दाम
ईरान-अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर गयी हैं। इनमें और भी बढ़ोतरी की संभावना जतायी जा रही है। एक जानकार के मुताबिक एक चिंता यह है कि इस तनाव के बीच समुद्र में पैदा होने वाले कच्चे तेल में 20 फीसदी की गिरावट आयेगी, जिससे कच्चे तेल की कीमत में 20 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो तेल की कीमतें बहुत आसानी से 75 डॉलर या इससे अधिक हो सकती हैं।
यह भी पढ़ें - ट्रम्प की धमकी से उछले कच्चे तेल के दाम, छुआ 70 डॉलर का आंकड़ा


Click it and Unblock the Notifications