Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य और बायोफार्मा सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। सरकार का टारगेट देश में दवा प्रोडक्शन, हेल्थ सर्विसें और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करना है। इसके साथ ही रोजगार बढ़ाना और निवेश को प्रोत्साहित करना भी मुख्य उद्देश्य है।

CDSCO को सशक्त बनाने का कदम
सरकार ने सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) को और मजबूत बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और कामकाज की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। इससे दवाओं की क्वालिटी और सुरक्षा पर बेहतर नियंत्रण होगा और मरीजों को सुरक्षित दवाएं समय पर मिल सकेंगी।
Bio Pharma Shakti योजना
फाइनेंस मंत्री ने बायोफार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपए की 'Bio Pharma Shakti' योजना की घोषणा की है। इसका मकसद देश में बायोसिमिलर और अन्य बायोफार्मा प्रोडक्टों का प्रोडक्शन बढ़ाना है। इससे दवाओं की कीमतों में कमी आएगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। यह योजना घरेलू निर्माण को भी प्रोत्साहित करेगी और 'मेक इन इंडिया' के टारगेट को मजबूत करेगी।
हेल्थ सेक्टर में सुधार और विस्तार
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई पहलें की हैं। अगले पांच सालों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) तैयार किए जाएंगे। राज्यों में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे और जिला अस्पतालों में इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर स्थापित होंगे। इससे अस्पतालों की क्षमता 50% तक बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर सर्विसें मिलेंगी।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान
उत्तर भारत में NIMHANS 2.0 स्थापित किया जाएगा, जिससे मानसिक स्वास्थ्य सर्विसें की क्वालिटी बढ़ेगी। साथ ही 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य को सुलभ बनाने और मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल देने में मदद करेगी।
आर्थिक नजरिए और रोजगार
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस विकास, आत्मनिर्भरता और वित्तीय अनुशासन पर है। बजट 2026 न केवल स्वास्थ्य और बायोफार्मा सेक्टर को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार सृजन और निवेश को भी बढ़ावा देगा। इस बजट से देश की आर्थिक मजबूती और लोगों की जीवन क्वालिटी दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
Budget 2026 में स्वास्थ्य, बायोफार्मा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उठाए गए कदम देश की आर्थिक और सामाजिक मजबूती दोनों को नई दिशा देंगे।
एक्सपर्ट की राय
स्टेवेल.हेल्थ के को-फाउंडर अरुण राममूर्ति ने कहा कि "भारत सरकार बायोफार्मा, शक्ति फंड (जो 10,000 करोड़ रुपये का है) जैसी कई पहलों के ज़रिए अपने बायोफार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ाना चाहती है, साथ ही पुरानी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को सस्ता बनाना चाहती है।
यह निवेश समय के साथ हेल्थकेयर की लागत को कम करने में मदद करेगा। प्रिवेंटिव केयर, पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल के तरीकों (आयुर्वेद और योग) में ज़्यादा निवेश करने और देखभाल की जगहों की कुल संख्या बढ़ाने से हेल्थकेयर का फोकस सिर्फ़ रिएक्टिव इलाज से हटकर लंबे समय में ज़्यादा इंटीग्रेटेड इलाज/इंटीग्रेटेड वेलनेस पर आधारित हो जाएगा - जिससे आखिरकार मौजूदा हेल्थकेयर डिलीवरी सिस्टम/इंफ्रास्ट्रक्चर पर तनाव कम होगा और पूरे हेल्थकेयर इंश्योरेंस डिलीवरी सिस्टम में स्वास्थ्य जोखिम के नतीजे बेहतर होंगे।"
More From GoodReturns

Silver Price Today: 2 अप्रैल को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Silver Price Today: 31 मार्च को चांदी की कीमतों में आई गिरावट! जानिए प्रति किलो चांदी का रेट क्या है?

Silver Price Today: 30 मार्च को चांदी का भाव सस्ता हुआ या महंगा? जानें प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 2 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24k, 22k,18k गोल्ड रेट क्या है?

Silver Price Today: 1 अप्रैल को चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए प्रति किलो चांदी का भाव

Gold Rate Today: महीने के आखिरी दिन 31 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ा बदलाव! जानिए 24k, 22k गोल्ड रेट

एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश, निवेश और विकास पर बनी सहमति

LPG Cylinder Price Hike: युद्ध के बीच बड़ा झटका! आज से एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़े

Bank holiday Today: महावीर जयंती पर आज बैंक खुला रहेगा या बंद? जाने से पहले चेक करें RBI हॉलिडे लिस्ट

Gujarat News: सताधार धाम बना आत्मनिर्भरता का प्रतीक, रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं का भोजन बायोगैस पर तैयार

कानूनी प्रक्रिया से ही तय हुआ JAL का भविष्य: Adani की जीत पर मुहर, CoC की ‘कमर्शियल विजडम’ सर्वोपरि



Click it and Unblock the Notifications