PhonePe IPO: दिग्गज रिटेल कंपनी वॉलमार्ट के सपोर्ट वाली कंपनी फोनपे जल्द ही अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। रिलायंस जियो, टाटा कैपिटल, फ्लिपकार्ट, मिशो और ग्रो जैसे मेगा आईपीओ की उम्मीदों के बीच वॉलमार्ट सपोर्टेड फिनटेक प्लेटफ़ॉर्म फोनपे ने गोपनीय तरीके से IPO के लिए मसौदा दस्तावेज़ यानी DRHP दाखिल कर दिए हैं।

PhonePe IPO का साइज 12,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। ऐसे में सवाल है कि क्या PhonePe का IPO आने वाले तमाम कंपनियों के IPO से भी बड़ा होगा?
फोनपे आईपीओ (PhonePe IPO Detail)
फोनपे ने कथित तौर पर अपने 12,000 करोड़ रुपये के इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। खबर है कि कंपनी ने SEBI यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास अपने शेयरों के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO के लिए पेपर्स दाखिल कर दिए हैं। इसके अलावा बीएसई लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड के साथ पूर्व-दायर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (PDRHP ) दाखिल कर दिया है।
इसके अलावा, वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनियां इस बिक्री प्रस्ताव में भाग लेने के इच्छुक तीन शेयरधारक हैं, जिसमें लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का संयुक्त विनिवेश शामिल होगा, जैसा कि सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया है।
आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर CITI, कोटक महिंद्रा, JP मॉर्गन और मॉर्गन स्टेनल हैं। फिनटेक प्लेटफॉर्म फोनपे ने इस ऑफर के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेपी मॉर्गन चेस, सिटीग्रुप और मॉर्गन स्टेनली को चुना है।
फोनपे अपने आईपीओ के बाद बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होने की योजना बना रहा है। ड्राफ्ट दाखिल करने का काम गोपनीय तरीके से किया गया था। आईपीओ के लिए फोनपे की तैयारी एक और फिनटेक कंपनी ग्रो द्वारा 16 सितंबर को सेबी के पास अपडेटेड आईपीओ दस्तावेज जमा करने के कुछ ही दिनों बाद शुरू हुई है।
गोपनीय आईपीओ तब होता है जब कोई कंपनी बाजार नियामक सेबी के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस निजी तौर पर दाखिल करती है। इसलिए, निवेशकों के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) की समीक्षा करने हेतु कोई सार्वजनिक खुलासा नहीं किया जाता है, जिसमें कंपनी के जोखिम, रणनीतियां, दृष्टिकोण, व्यावसायिक प्रदर्शन, क्षेत्र के जोखिम और अवसर, और आईपीओ के उद्देश्य शामिल होते हैं। आईपीओ को डेट्स, इक्विटी शेयर, प्राइस बैंड और महत्वपूर्ण तारीखें समय आने पर बताया जाएगा।
फोनपे आईपीओ बनाम रिलायंस जियो आईपीओ (PhonePe IPO Vs Reliance Jio IPO)
रिलायंस जियो आईपीओ का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा है और माना जा रहा है कि यह भारतीय बाज़ार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
48वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान, रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो 2026 की पहली छमाही में भारतीय शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध हो सकता है। उन्होंने घोषणा की कि जियो जल्द ही अपना आईपीओ ड्राफ्ट दाखिल करेगा। रिलायंस जियो का आगामी आईपीओ पिछले रिकॉर्ड को पार कर जाएगा और संभवतः पिछले साल के हुंडई इंडिया के पब्लिक इश्यू के आकार को दोगुना कर देगा। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जियो इन्फोकॉम का आईपीओ लगभग 52,000 करोड़ रुपये का हो सकता है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा और हुंडई इंडिया के 28,000 करोड़ रुपये के आईपीओ से काफी बड़ा बना देगा।
फोनपे आईपीओ बनाम ग्रो आईपीओ (PhonePe IPO Vs Groww IPO)
फोनपे का आईपीओ ग्रो से बड़ा होने की संभावना है, जिसने कथित तौर पर सेबी के साथ अपने ड्राफ्ट पेपर्स अपडेट कर दिए हैं। ग्रो कथित तौर पर 6,000 करोड़ रुपये से 7,100 करोड़ रुपये के आकार के साथ अपना आईपीओ लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
फोनपे आईपीओ बनाम टाटा कैपिटल आईपीओ (PhonePe IPO Vs Tata Capital IPO)
ग्रो के विपरीत, फोनपे का आईपीओ टाटा समूह समर्थित एनबीएफसी दिग्गज, टाटा कैपिटल के आईपीओ से कम होने की उम्मीद नहीं है। टाटा कंपनी 17,000 करोड़ रुपये, यानी लगभग 2 अरब डॉलर का आईपीओ लॉन्च कर सकती है। टाटा संस के प्रमोटर कथित तौर पर टाटा कैपिटल में 23 करोड़ शेयर बेचेंगे, जबकि आईएफसी 3.58 करोड़ शेयर बेच सकती है।
PhonePe Financial Details
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास फाइलिंग से पता चलता है कि फोनपे ने 2024-25 में अपना शुद्ध घाटा 13.4% घटाकर 1,727.4 करोड़ रुपये कर दिया। पिछले वित्त वर्ष में ये 1,996.1 करोड़ रुपये था। इसी अवधि के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 5,064.1 करोड़ रुपये से 40.4% बढ़कर 7,114.8 करोड़ रुपये हो गया।
फोनपे की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। इसके फाउंडर्स में राहुल चारी, समीर निगम और बुर्जिन इंजीनियर शामिल हैं।
PhonePe ने अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से क्रेडिट, बीमा और स्टॉकब्रोकिंग में विस्तार किया है। इस महीने की शुरुआत में, इसने भारतीय रिज़र्व बैंक से पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त किया, जिससे इसे ऑनलाइन मर्चेंट पेमेंट सर्विस प्रदान करने की अनुमति मिली।
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