Stock Market Crash Reason: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 19 दिसंबर को भारी गिरावट देखी जा रही. इंट्राडे में प्रमुख इंडेक्स 1-1 फीसदी से ज्यादा फिसल गए. इस दौरान सेंसेक्स में करीब 1,200 अंकों तक की गिरावट आई. जबकि निफ्टी 23,870 तक फिसला. घरेलू मार्केट में यह गिरावट अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आगे ब्याज दरों में संभावित कटौती के ऐलान से है. दिसंबर पॉलिसी में भी 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की गई है. बता दें कि सुबह सेंसेक्स 79,029 पर खुला.
शेयर बाजार में गिरावट की वजह क्या है?
1. US FED Policy: शेयर बाजार में इस गिरावट के लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं. इसमें सबसे अहम फैक्टर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करके 4.25-4.50 फीसदी करने का फैसला है. साथ ही आगे 2025 के अंत तक दो और कटौती के संकेत दिए हैं. FOMC का यह फैसला अनुमान से कम रहा, जिससे ग्लोबल मार्केट निराश रहा.
2. FIIs की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण भारतीय शेयर बेच रहे हैं. बीते तीन सेशन में एफआईआई ने ₹8,000 करोड़ से ज्यादा के भारतीय शेयर बेचे हैं. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने इस दौरान खरीदारी की. इससे बिकवाली का दबाव कम हावी हुआ है.

3. डॉलर के मुकाबले कमजोर होता भारतीय रुपया: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की कमजोरी जारी है. आज डॉलर के मुकाबले रुपया 85.3 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे घरेलू करेंसीज में वापस बदलने पर कम रिटर्न के कारण विदेशी निवेश हतोत्साहित हुआ.
4. ट्रेड के कमजोर आंकड़ों का असर: भारत की व्यापक आर्थिक स्थिति भी बाजार की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है. नवंबर में ट्रेड डेफिसिट अभूतपूर्व रूप से बढ़कर 37.84 बिलियन डॉलर हो गया, जो उम्मीदों से कहीं अधिक है और आगे आने वाली आर्थिक चुनौतियों का संकेत देता है.
इसके अलावा भारत की आर्थिक गति की रफ्तार धीमी होने के संकेत दिख रहे हैं, दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट करीब दो साल में सबसे कम रही है. यह धीमापन लंबी अवधि की संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों के लिए चिंता का एक और स्तर जोड़ती है.
5. आय वसूली अनिश्चितता: सरकारी कैपेक्स और बेहतर फसल सीजन के कारण आय में सुधार की उम्मीदों के बावजूद, निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है. अर्निंग में सुधार के स्पष्ट संकेत के बिना साल 2025 के लिए शेयर प्राइस परफॉर्मेंस धीमा रह सकता है.
निवेशकों को भारी नुकसान
बाजार में जारी इस गिरावट के चलते अकेले 19 दिसंबर को ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप कुछ ही मिनटों में ₹6 लाख करोड़ घट गया. लगातार चार दिनों की बिकवाली में कुल नुकसान लगभग ₹13 लाख करोड़ हो गया, क्योंकि मार्केट कैप 13 दिसंबर को ₹459.4 लाख करोड़ से घटकर ₹446.5 लाख करोड़ हो गया है.
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