आमतौर पर लोग सोचते हैं कि ज्वाइंट अकाउंट (संयुक्त खाता) खाताधारक के लिए बेहतर है। पर ज्वाइंट अकाउंट में कई ऐसी विसंगतिया हैं जिससे खाताधारकों को नुकसान हो सकता है। ज्वाइंट एकाउंट को लेकर कई ऐसे पहलू हैं जिन्हें जानना जरूरी है ताकि इनसे होने वाले नुकसान और परेशानी से बच सकें।
कानूनी उत्तराधिकार का मुद्दा
इसे एक उदाहरण के जरिए समझें, एक परिवार में मां और उसके तीन बेटे हैं, दो बेटे विदेश में रहते हैं। मां ने तीसरे बेटे को एक एफडी में संयुक्त खाता धारक बना दिया। कुछ वर्षों के बाद मां की मृत्यु हो जाती है ऐसे में एफडी खाते का पैसा तीसरे बेटे के ही पास जाएगा जिसे उसकी मां ने एफडी में संयुंक्त खाता धारक बनाया था। अब अगर विदेश में रह रहे बेटों को एफडी से अपना कानूनी हिस्सा चाहिए तो उन्हें कोर्ट से ऑर्डर लेना पड़ेगा जिसके बाद उनके भुगतान संबंधी कार्रवाई होगी।
खाते से ही रि-कवरी
अगर संयुक्त खाते में दूसरा खाताधारक दीवालिया हो जाता है तो बैंक पहले खाताधारक की जमाराशि से रिकवरी करता है। ऐसे में पहले खाताधारक को नुकसान हो सकता है। इसलिए संयुक्त खाता खोलने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जरूर लें।
नॉमिनी बदलने में परेशानी
मान लीजिए आपने अपने भाई के साथ संयुक्त खाता खोल रखा है और आपका भाई विदेश में रहता है ऐसे में आपको अपने खाते में नॉमिनी (उत्तराधिकारी) बदलना है तब आपको आपके भाई के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ेगी। बिना आपके भाई के हस्ताक्षर के आप नॉमिनी नहीं बदल सकते। इसलिए ये भी संयुक्त खाते की एक कमी ही है जिससे कोई एक खाता धारक परेशान हो सकता है।
कराधान स्पष्टता
इस मामले पर संचयी सावधि जमा (cumulative fixed deposit) को लेकर एक उदाहरण देखते हैं। इसमें ब्याज से होने वाली आय पर जो टैक्स कटेगा वह पहले खाता धारक के हिस्से से कटेगा वहीं दूसरे खाताधारक को फिक्स्ड डिपॉजिट की पूरी रकम मिलेगी और उस राशि पर मिलने वाले ब्याज से टैक्स की कटौती भी नहीं होगी। मतलब दूसरे खाताधारक को मुख्य राशि तो मिलेगी ही साथ ही ब्याज का भी फायदा मिलेगा।
पारिवारिक मुद्दे
अक्सर देखा गया है कि संयुक्त खाते में पारिवारिक रिश्तों के मुद्दे ज्यादा होते हैं जिसमें बुजुर्ग माता-पिता और उनके बच्चे, लिव-इन में रहने वाले दंपति या फिर ऐसे दंपति जो तलाक की अर्जी दायर कर चुके हों। उनके बीच संयुक्त खाते की रकम के बंटवारे को लेकर विवादित मुद्दे देखने को मिले हैं।
तो क्या संयुक्त खाता हानिकारक है ?
ऐसा नहीं है, संयुक्त खाते में भी लाभ हैं, लेकिन बेहतर यही रहता है कि कोई व्यक्ति जब खाता खुलवाए तो वह एकल ही हो। हमने इस लेख में सिर्फ संयुक्त खाते से होने वाली हानियों और कमियों को ही इंगित किया है। फिर भी आपको ये कोशिश करनी चाहिए कि जब भी आप कोई खाता या फिक्स डिपॉजिट करा रहे हों तो उसके बारे में पूरी जानकारी लें।
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