वो दिन अब चले गए जब महिलाओं को हर क्षेत्र में कमजोर समझा जाता था। अब वो महिलायें पुरुषों से भी आगे निकल चुकी हैं।
वो दिन अब चले गए जब महिलाओं को हर क्षेत्र में कमजोर समझा जाता था। अब वो महिलायें पुरुषों से भी आगे निकल चुकी हैं। पूरे संसार में महिलाओं ने उस निगेटिव धारणा को खत्म कर दिया है जो कहते थे कि महिलाएं परिवार की कमजोर कड़ी होती हैं। अब वो सिर्फ एक हाउस वाइफ नहीं हैं वो डॉक्टर, इंजीनियर, साइंटिस्ट, से हटकर और आगे तक पहुंच गई हैं। वो अब एक उद्यमी बन चुकी हैं खुद के दम पर आज वो अपना बिजनेस न केवल अपने शहर तक सीमित कर रहीं हैं बल्कि देश और विदेशों में भी वो चर्चा का विषय बन चुकी हैं। यहां पर आपको ऐसी ही कुछ शख्सियत के बारे में बताएंगे जो कि महिलाओं का नाम विश्व स्तर तक पहुंचा दिया है।
इंदिरा नूई
इंदिरा नूई युवा उद्यमियों के बीच एक जाना-पहचाना नाम है। ये पेप्सिको कंपनी की प्रेसीडेंट और सीईओ हैं। इन्होंने अपनी मास्टर डिग्री येल यूनिवसिर्टी से पब्लिक मैनेजमेंट और आईआईएम कोलकाता से फायनेंस और मार्केटिंग में मास्टर डिग्री ली है। इन्होंने पेप्सिको में काम करने से पहले मोटोरोला और एशिया ब्राउन बावरी में उच्च पदों पर भी काम किया है। इन्हें व्यवसाय के क्षेत्र में जितनी भी उपलब्धि हासिल की है उसके लिए इन्हें सम्मानित भी किया गया है।
इंदू जैन
इंदू जैन साहू जैन फैमिली से आती हैं इस समय ये इंडिया के सबसे बड़े मीडिया ग्रुप बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड की चेयरपरसन हैं। जिसके अंतर्गत द टाइम्स ऑफ इंडिया और कई बड़े न्यूजपेपर आते हैं। यह विधवा हैं और इनके 2 बच्चे भी हैं। इसके अलावा इनकी पहचान कई और तरीकों से होती है जैसे कि अध्यात्मवादी, मानवतावादी, उद्यमी और शिक्षाविद लेकिन इनकी सबसे बड़ी पहचान है चेयरमैन के रुप में। इन्हें 2016 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। 2003 में भारत के राष्ट्रपति के द्वारा औपचारिक रुप से लॉन्च किया गया एकता फोरम के लिए यह एक मागदर्शक का कार्य करती हैं।
किरण मजूमदार शॉ
यह बायकॉम लिमिटेड की चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इन्होंने बायकॉम की शुरूआत 1978 में की थी। इसकी शुरूआत हुई थी औद्योगिक एंजाइमों के निर्माण से और आज यह एक बायो-फार्मास्युटिकल कंपनी बन चुकी है। आज यह कंपनी टॉप बायोमेडिसिन रिशर्च का सेंटर बन चुकी है जहां पर इस समय डायबिटीज पर फोकस किया जा रहा है। किरण आईआईटी हैदराबाद की मेंबर भी हैं। इन्हें पदम श्री 1989 में और पदम भूषण पुरस्कार 2005 में प्राप्त हुआ है।
चंदा कोचर
चंदा कोचर इस समय आईसीआईसीआई बैंक की एमडी और सीईओ हैं। इन्होंने मुंबई के जमनालाल कॉलेज से मैनेजमेंट में पढ़ाई की है। उस समय इन्होंने मैनेजमेंट में गोल्ड भी प्राप्त किया था। चंदा कोचर के नेतृत्व में ICICI बैंक ने भारत में बेस्ट बैंक रीटेल का अवार्ड भी जीता है। इसके अलावा रिटेल बैंकिंग पुरस्कार में एक्ससेलेंस, रीटेल बैंकर ऑफ द ईयर, बिजनेस वुमन ऑफ द ईयर और राइजिंग स्टार अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं।
वंदना लूथरा
VLCC ब्यूटी प्रोडक्ट के बारे में तो लगभग हर कोई जानता होगा। इस समय एशिया, अफ्रीका सहित 11 देशों में इनके प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं और इन सबका श्रेय जाता है वंदना लूथरा को। वंदना ने इसकी शुरूआत तब की जब वो एक हाउसवाइफ थीं और उनकी दो बेटियां मात्र 3 साल की थीं। कोलकाता की इस उद्यमी ने ब्यूटी, फिटनेस और स्किन केयर से संबंधित सारी जानकारी जर्मनी, यूके फ्रांस और दिल्ली से प्राप्त की अपने पढ़ाई के दौरान। इन्हें 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया और 2015 में फार्चून इंडिया के द्वारा पावर फुल महिलाओं 33 रैंक दी गई।
नैनालाल किदवई
किदवई ने अपनी बैचलर डिग्री इकोनॉमिक्स में दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्राप्त की और उसके बाद इन्होंने एमबीए हावर्ड यूनिवर्सिटी से किया। उस समय वह हावर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए करने वाली पहली भारतीय महिला थीं। यह जेएम मॉर्गन स्टेनली की चेयरमैन रह चुकी हैं। तो वहीं इस समय ये HSBC की कंट्री हेड और ग्रुप जरनल मैनेजर हैं। ट्रेड और इंडस्ट्री के क्षेत्र में उपलब्ध्यिां हासिल करने के लिए इन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।
एकता कपूर
बालाजी टेलीफिल्मस के बारे में आज कौन नहीं जानता है। इंडियन टेलीविजन में एक अलग तरह की छाप छोड़ने वाली एकता कपूर टेलीविजन सीरियल के माध्यम से भारत के हर घर में बसती हैं। चाहे आप उनके सीरियल से प्यार करें या नफरत पर आप उसे देखते जरुर हैं। बालाजी टेलीफिल्मस की आधारशिला रखने का पूरा श्रेय एकता को ही जाता है। इनके प्रोडक्सन हाउस में कई हिट सीरियल जैसे कि क्योंकि सास भी कभी बहु थी, कहानी घर-घर की आज भी लोगों के दिलो दिमाग में बसे हुए हैं। इन्हें 2006 में 6वें इंडियन टेली अवार्ड के दौरान हॉल ऑफ फेम पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
सुची मुखर्जी
गर्ल्स फैशन हब लाइम रोड के बारे में लगभग हर महिला जानती है। इसका श्रेय जाता है सुची मुखर्जी को। मिस मुखर्जी और उनके दोस्तों अंकुश मेहरा और प्रशांत मलिक के द्वारा 2012 में लाइम रोड की स्थापना की गई थी। तब से लाइम रोड ऑनलाइन शॉपिंग का हब बन चुका है और धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है। सुची 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में बढ़ती हुई प्रतिभा के लिए सम्मानित हो चुकी हैं।
रिचा कर
रिचा कर ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर जीवामे की फाउंडर हैं। जिवामे की शुरूआत करने से पहले रिचा रीटेलर और ग्लोबल टेक्नालॉजी कंपनी के साथ काम कर चुकी हैं। जीवामे इंडिया में पहली सबसे लोकप्रिस गारमेंट ऑनलाइन साइट है जो कि महिलाओं को इनर वियर से सबंधित जानकारी भी देती है।
अदिती गुप्ता
महिलाओं में जब भी महावारी यानी पीरियड्स की बात होती है लोग शर्म और संकोच से चुप हो जाते हैं। लेकिन अब समय बदल गया है इसके बारे में खुलके बात करने का समय आ गया है। अदिती गुप्ता वही नाम है जिन्होंने मेन्सट्रोपीडिया के बारे में सबसे पहले सोचा जब वह अपनी एक थिसिस का रिसर्च कर रहीं थीं। तभी इन्होंने 2012 में को- फाउंडर तुहिप पॉल के साथ मिलकर मेन्सट्रोपीडिया की कंपनी बना डाली। जो कि ऑनलाइन भी उपलब्ध है जिसमें पीरियड और मेन्सट्रयूशन से संबंधित जानकारी उपलब्ध करायी जाती है।
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