महिलाओं को लाइफ इंश्योरंस पॉलिसी (life insurance policy) खरीदने के बारे में तत्काल सोचना शुरू कर देना चाहिए।
नई दिल्ली: महिलाओं को लाइफ इंश्योरंस पॉलिसी (life insurance policy) खरीदने के बारे में तत्काल सोचना शुरू कर देना चाहिए। लाइफ इंश्योरेंस में कई ऐसे फीचर हैं, जो उन्हें कई तरह से फायदा पहुंचा सकते हैं। आज महिलाओं में इस बात को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है कि उन्हें भी लाइफ़ इंश्योरेंस पॉलिसी (टर्म इंश्योरेंस) (term plan) लेनी चाहिए, ताकि यदि कुछ अनहोनी होती है तो उनके बाद भी उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
जी हां घरेलू (homemaker) व कामकाजी महिलाओं (working women) की सबसे पहली ज़रूरत टर्म इंश्योरेंस है। टर्म इंश्योरेंस (term insurance) लेने के बाद ही व्यक्ति को निवेश संबंधी योजनाओं के बारे में सोचना चाहिए। क्योंकि आज के समय में बीमा लाइफ़ सबसे अहम ज़रूरत है। दरअसल, लाइफ़ इंश्योरेंस (life insurance) , ऐसा रिस्क मैनेजमेंट टूल (risk managment tool) है, जो आपके परिवार को आकस्मिक घटनाओं (Casual events) से सुरक्षा प्रदान करता है।
लाइफ इंश्योरेंस में महिलाओं की संख्या में सुधार
हालांकि पिछले दशक से तुलना की जाए तो लाइफ इंश्योरेंस (life insurance) में महिलाओं (women) की संख्या में सुधार हआ है। इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Irdai) के आंकड़े बताते हैं कि 2017-18 में 90 लाख महिलाओं ने Life Insurance Policy खरीदी। जबकि इसी साल में 1.91 करोड़ पुरुषों ने लाइफ इंश्योरेंस लिया। इस तरह, इस अवधि के दौरान कुल बिजनेस में महिलाओं की हिस्सेददारी एक तिहाई रही।
वर्किंग महिलाएं यहां करें निवेश
हर मां की यह कोशिश होती हैं कि उनके बच्चों को किसी तरह की परेशानी न हो। फिर वो चाहे वर्किंग (working) हो या घरेलू (homemaker) हो। बच्चों की खवाइसो को पूरी करने के लिए अपनी पूरी कोशिश लगा देती है।ऐसे में खासकर उनकी शिक्षा (education) को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकती है। बच्चों के शिक्षा के लिए बचत कर रहीं हैं, तो ऐसे में आप यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (Unit Linked Insurance Plan) (यूलिप) ले सकती हैं। इस प्लान में रिस्क कवर (risk cover) तो मिलेगा ही और किया गया निवेश तब तक एक बड़ी रकम बन जाएगी, जब तक आपके बच्चे कॉलेज जाने या कोई प्रो़फेशनल कोर्स (professional cource) करने लायक होगें।
चूंकि यूलिप शेयर बाज़ार से जुड़ा इंश्योरेंस प्रोडक्ट (insurance product) है। इसलिए लॉन्ग टर्म में यह निवेशक को अच्छी-ख़ासी रिटर्न देता है। यूलिप में पेपर बेनिफ़िट राइडर भी जोड़ा जा सकता है, ताकि यदि पॉलिसीधारक की असमय मृत्यु हो जाती है, तो भी यह प्लान ज़ारी रह सके और भविष्य में प्रीमियम भरने की ज़िम्मेदारी ख़ुद इंश्योरेंस कंपनी वहन करे। इस तरह मां के न रहने पर भी बच्चों के भविष्य की ज़रूरतें समय पर पूरी होती रहेंगी।
होममेकर महिलाएं ऐसे कर सकती है बचत
जो महिलाएं होममेकर होती हैं, उन्हें हमेशा यह दुख सताता है कि काश, वे भी कमातीं तो घर की वित्तीय ज़रूरतों में योगदान देती। परंतु यह बात भी सच हैं कि यदि आप घर की ज़िम्मेदारियों को पूरा करते हुए हर महीने की गई अपनी बचत को सही जगह निवेश करने का तरीका जान जाती हैं, उसे अमल में लाती हैं, तो यह तय जानिए कि आपका यह कार्य कमाने जितना ही महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यदि आपके पति काम में अतिव्यस्तता की वजह से बचत को सही जगह निवेश करने की प्लानिंग के लिए व़क़्त नहीं निकाल पाते है, तो बेहतर है कि आप आगे बढ़कर उनके साथ विचार-विमर्श कर अपने पूरे परिवार व भविष्य की वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय योजना बनाकर सभी को निश्चिंतता प्रदान कर सकती हैं। इसलिए होममेकर महिलाओं को भी हेल्थ इंश्योरेंस व वृद्धावस्था में एक स्वतंत्र आय की प्लानिंग ज़रूर करनी चाहिए।
शादी या बेबी के बाद नौकरी छोड़ने के पहले ऐसे ले निर्णय
ऐसी भी बहुत सी महिलाएं हैं जो कभी शादी के बाद तो कभी बच्चे के जन्म के बाद अस्थायी या फिर हमेशा के लिए नौकरी छोड़ने का फैसला ले लेती हैं। तो ऐसे में बेहद जरूरी हैं कि आप कुछ बातों को हमेशा ध्यान में रखकर ही निर्णय ले।
- जितनी जल्दी हो सके अपने लिए फ़ाइनेंशियल प्लानिंग करें, इसके लिए फ़ाइनेंशियल प्लानर की मदद जरुर ले।
- प्लानिंग करते वक्त अपनी ज़रूरतों और आकांक्षाओं को ध्यान में रखें।
- इंश्योरेंस आपकी सकल वार्षिक आमदनी का पांच से दस गुना होना चाहिए।
खासतोर पर बुढ़ापे के लिए अलग से प्लानिंग करें, ताकि उन सुनहरे दिनों में नियमित आय के साथ आकस्मिक बीमारियों के ख़र्च की चिंता से भी मुक्त रह सकें।
- अगर आप शादीशुदा हैं, तो फैमिली फ़ाइनेंशियल प्लान बनाएं, ताकि आपकी और आपके प्रियजनों की ख़ास ज़रूरतें आप अपने प्रयासों से सही ढंग से पूरी कर सकें।
फाइनेंशियल सिक्युरिटी
लाइफ इंश्योरंस को ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स के तौर पर देखा जाता है, जो परिवार को कमाऊ सदस्य की असमय मौत होने पर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए परिवार के लिए आमदनी करने वाले पुरुष सदस्य लाइफ इंश्योरेंस खरीदने के बारे में सोचते हैं। ऐसा देखा गया है कि परिवार में तीसरी या चौथी पॉलिसी पत्नी या बेटी के नाम पर है। जबकि, महिलाएं आमतौर पर पुरुषों पर निर्भर रहती हैं और उन्हें लंबे समय तक अपनी देखभाल की जरूरत है। इसलिए उन्हें कई हिस्सों में सिस्टमेटिक फाइनेंशियल प्लानिंग करनी चाहिए। उन्हें लाइफ इंश्योरंस खरीदने में गंभीरता से विचार करना चाहिए। 60 साल या इसके ज्यादा की उम्र में मैच्योर होने वाली एक एंडाउमेंट पॉलिसी महिलाओं के लिए बेस्ट सेविंग टूल्स हो सकता है।
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