फ्लैट (Flat) खरीदने का मन बना रहे है तो यह खबर जरूर पढ़ें। हर किसी का अपनी जिंदगी में फ्लैट खरीदना सपना होता है।
नई दिल्ली: फ्लैट (Flat) खरीदने का मन बना रहे है तो यह खबर जरूर पढ़ें। हर किसी का अपनी जिंदगी में फ्लैट खरीदना सपना होता है। और तो यकीन मानिये ये जीवन के बहुत महत्वपूर्ण फैसले (Important decisions) में से एक होता है। यह वास्तव में आपके एक सपने के पूरा होने जैसा भी होता है। इसलिए सालों तक बचत (Saving) करने और योजना (Scheme) बनाने के बाद आपकी कोशिश यह होनी चाहिए कि आप सही फैसला लें, जिससे बाद में आपको कोई पछतावा ना हो। फ्लैट ख़रीदते-बेचते समय अधिकतर लोगों को बहुत-सी बातों के बारे में पता नहीं होता है, जिसके कारण वे अक्सर ग़लतियां कर बैठते हैं। फ्लैट खरीदने से पहले इन बातों पर अवश्य ध्यान दें।
प्रॉपर्टी की कीमत
सबसे पहले आपको घर खरीदने के लिए एक बजट (Budget) तैयार करना चाहिए। अगर आपको पता है कि आप घर खरीदने पर कितनी रकम खर्च (Cost of money) कर सकते हैं तो घर चुनना आसान हो जाता है। इसके बाद आस-पास के इलाके में मौजूद प्रॉपर्टी (Property) से अपनी संपत्ति की तुलना करें। वहीं इससे आपको पता लग जायेगा कि बिल्डर (Builder) ने आपको सही कीमत बताई है या नहीं। आपको जानकारी दें कि अब ऐसे बहुत से साधन हैं जिनसे आप संपत्ति कीमत (Property price) की तुलना कर सकते हैं। प्रॉपर्टी की ऑनलाइन साईट (Property online site) , इलाके के प्रॉपर्टी डीलर (Property dealer of the area) और न्यूजपेपर में छपने वाले विज्ञापन से आप उस इलाके में संपत्ति (Property) की कीमत का अनुमान लगा सकते हैं।
प्रॉपर्टी की कानूनी जानकारी
इस बात से अवगत करा दें कि आपको प्रॉपर्टी (Property) खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस जमीन पर यह बनी है, वह कानूनी झंझट से मुक्त हो। आप यह पता करें कि क्या डेवलपर (Developer) को सभी मंजूरी मिल गयी है? इसमें रजिस्ट्रार (Registrar) , इलाके की डेवलपमेंट अथॉरिटी (Development authority), जल आपूर्ति, विद्युत् बोर्ड और नगर निगम (Electric Board and Municipal Corporation) आदि शामिल हैं। अगर आप होम लोन लेकर यह प्रॉपर्टी (Property) खरीद रहे हैं तो इस बात की जानकारी लोन देने वाला बैंक अपने स्तर से खुद ही चेक कर लेता है।
ध्यान दें अपने पजेशन की तारीख
बता दें कि देश के बड़े शहरों में प्रॉपर्टी (Property) खरीदते वक्त आपको पजेशन की तारीख का भी ध्यान रखने की जरूरत है। अब बिल्डर (Builder) आम तौर पर पजेशन (Position) में काफी देर लगा रहे हैं। एक बायर के रूप में आपको पजेशन देने में देरी होने पर मुआवजे की रकम के बारे में एग्रीमेंट (Agreement) में दिए क्लॉज पर ध्यान देना चाहिए। आम तौर पर बिल्डर आपसे छह महीने का ग्रेस पीरियड (Grace period) मांग सकता है, लेकिन उसके लिए भी वैध कारण होना चाहिए।
फ्लैट का कारपेट एरिया को भी देखें
बहुत ही अहम है कि जब आप किसी प्रॉपर्टी का विज्ञापन (Property AD) देखते हैं तो उसमें सुपर बिल्ट अप एरिया (Built up area) लिखा जाता है। इसमें शाफ्ट, एलीवेटर स्पेस, सीढियां, दीवार की मोटाई जैसी चीजें भी शामिल होती है। अगर आप इसके हिसाब से अनुमान लगायेंगे तो फ्लैट देखने पर आप मायूस होंगे, क्योंकि वास्तव में आपका कारपेट एरिया (Carpet area) कम निकलेगा। बिल्ट अप एरिया की तुलना में कारपेट एरिया 30 फीसदी तक कम होता है। आम तौर पर जब एक फ्लोर पर दो फ्लैट होते हैं तो कॉमन स्पेस (Common Space) की जगह भी दोनों में बराबर बंट जाती है।
सुरक्षा के ख्याल से फ्लैट का लोकेशन अनिवार्य
बता दें कि चूंकि संपत्ति खरीदना (Buying a property) लंबी अवधि का निवेश (Long term investment) है, इस हिसाब से आपको प्रॉपर्टी के लोकेशन (Property location) का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इलाके में मौजूद सुविधाएं (Facility), इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और जरूरी सेवा तक पहुंच कुछ ऐसी चीज है जिसका बहुत ध्यान रखा जाना चाहिए। आप इन सब चीजों पर ध्यान देंगे तो रहने से हिसाब से आपको सुकून मिलेगा। आपका फ्लैट सुरक्षित (Flat safe) इलाके में भी होना चाहिए जिससे आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे।
लोन देने वाले बैंक
जानकारी दें कि आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि उस बिल्डर के प्रोजेक्ट (Builder's Project) में कौन से बैंक लोन (Bank loan) दे रहे हैं। अगर किसी बिल्डर की छवि (Builder Image) खराब है तो आम तौर पर बड़े बैंक (Bank) उसके प्रोजेक्ट में प्रॉपर्टी (Property in project) खरीदने के लिए लोन नहीं देते। आपको प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बारे में सही तरीके से पता करना चाहिए। इस बात की भी जानकारी दें कि प्रॉपर्टी (Property) पसंद आने के तत्काल बाद बिल्डर को टोकन मनी देनी होती है। ऐसा इसलिए की बिल्डर (Builder) उस प्रॉपर्टी को किसी दूसरे के नाम में अलॉट न कर दें। प्रॉपर्टी सर्च (Property search) शुरू करते समय टोकन मनी (Token money) तैयार रखना चाहिए क्योंकि, कब कौन सी प्रॉपर्टी पसंद आ जाए तय नहीं होता।
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