
Atal Pension Yojana latest update: सरकार ने साफ कर दिया है कि अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली पेंशन राशि को फिलहाल बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। यह जानकारी सेंट्रल फाइनेंशियल राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में दी। उन्होंने बताया कि अगर पेंशन राशि बढ़ाई जाती है, तो इसके साथ लोगों को हर महीने ज्यादा योगदान देना पड़ेगा, जिससे आम सब्सक्राइबर पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
पेंशन राशि में बदलाव क्यों नहीं?
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार ने अभी इस योजना को मौजूदा शर्तों के साथ ही जारी रखने का फैसला किया है। इसमें न तो पेंशन की रकम बढ़ाई जाएगी और न ही योगदान (सब्सक्रिप्शन) राशि में कोई बदलाव किया जाएगा।
यह सवाल खास तौर पर इस बात को लेकर था कि क्या सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पेंशन बढ़ाने, योगदान ढांचे में बदलाव करने या महंगाई से जुड़ी पेंशन व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रही है।
अटल पेंशन योजना क्या है?
अटल पेंशन योजना की शुरुआत मई 2015 में की गई थी। इसका मकसद देश के गरीब, कमजोर और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बुढ़ापे में निश्चित पेंशन की सुविधा देना है। इस योजना के तहत व्यक्ति अपनी उम्र और चुनी गई पेंशन राशि के अनुसार हर महीने योगदान करता है। APY में 1,000 रुपए से 5,000 रुपए तक की गारंटीड मासिक पेंशन का विकल्प मिलता है।
कितने लोग जुड़ चुके हैं अटल पेंशन योजना से?
30 नवंबर 2025 तक, अटल पेंशन योजना से करीब 8.45 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि यह योजना आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।
पेंशन स्लैब के अनुसार सब्सक्राइबर का बंटवारा:
1,000 रुपए की पेंशन: लगभग 87% लोग
2,000 रुपए की पेंशन: करीब 3%
3,000 रुपए की पेंशन: लगभग 1.4%
4,000 रुपए की पेंशन: करीब 0.5%
5,000 रुपए की पेंशन: लगभग 8% लोग
सबसे ज्यादा लोग 1,000 रुपए की मंथली पेंशन वाले ऑप्शन को चुन रहे हैं।
हर साल बढ़ रहा है APY से जुड़ने वालों का आंकड़ा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2015-16 से लेकर 2025 तक हर साल अटल पेंशन योजना में नामांकन बढ़ता जा रहा है। शुरुआत में जहां कुछ लाख लोग जुड़े थे, वहीं अब यह संख्या करोड़ों तक पहुंच चुकी है।
सरकार का मकसद क्या है?
सरकार का कहना है कि अटल पेंशन योजना का मुख्य लक्ष्य देश में एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनाना है, ताकि गरीब, मजदूर और असंगठित क्षेत्र के लोग भी बुढ़ापे में आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।
फिलहाल अटल पेंशन योजना में पेंशन राशि बढ़ने की उम्मीद नहीं है, लेकिन यह योजना आज भी करोड़ों लोगों के लिए बुढ़ापे का सहारा बनी हुई है। कम योगदान और गारंटीड पेंशन की वजह से यह स्कीम खासतौर पर आम और कम आय वाले लोगों के लिए फायदेमंद मानी जाती है।
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