Credit Card Charges: क्रेडिट कार्ड से कई सारे काम करने में आसानी हो जाती है फिर चाहे वह ऑलाइन शॉपिंग हो या फिर बिल पेमेंट हो।
अगर आप भी कोई क्रेडिट कार्ड लेने का सोच रहे हैं तो आपके लिए पहले ये जानना जरूरी है कि उस पर आपको कौन कौन से चार्जेज देने होंगे।
इसके बाद ही आप यह तय करें कि आपको क्रेडिट कार्ड लेना है या नहीं। आइए आपको बताते हैं कि क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले चार्जेज कौन-कौन से होते हैं।

ओवरसीज से जुड़ा ट्रांजेक्शन चार्ज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्रेडिट कार्ड से विदेश में ट्रांजेक्शन करने पर आपको ओवरसीज ट्रांजेक्शन चार्ज भी देना पड़ता है।
हर क्रेडिट कार्ड पर यह चार्ज अलग होता है। कई बार यह भी दावा किया जाता है कि आप इस कार्ड के जरिए विदेश में भी ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।
लेकिन उस समय आपको यह नहीं बताया जाता है कि इस पर आपको चार्ज भी देना होगा।
एनुअल चार्ज और मिनिमम पेमेंट चार्ज
यह सबसे आम चार्ज है जो हर साल आपके कार्ड पर लगता है और यह ₹1,000 से ₹5,000 तक हो सकता है, यह आपके क्रेडिट कार्ड पर भी निर्भर करता है।
कुछ कार्ड पहले साल के लिए मुफ्त होते हैं, लेकिन दूसरे साल से शुल्क लगता है। वहीं, अगर आप हर महीने अपनी पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं करते हैं तो मिनिमम पेमेंट चार्ज लगता है।
यह चार्ज 2% से 4% तक हो सकता है। मिनिमम पेमेंट सिर्फ ब्याज को कवर करता है और ऐसे में आप कर्ज में डूबे रह सकते हैं।
कैश विड्रॉल चार्ज
क्रेडिट कार्ड सिर्फ ऑनलाइन और ऑफलाइन शॉपिंग के लिए स्वाइप करने के लिए ही मान्य होता है। लेकिन अगर आप अपनी जरूरत के लिए एटीएम से क्रेडिट कार्ड स्वाइप करके कैश निकालते हैं तो इस पर बैंक की ओर से चार्ज वसूल किया जाता है।
जब आप क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं तो ज्यादातर बैंक और एजेंट आपको इस चार्ज के बारे में कभी नहीं बताते हैं।
लेट पेमेंट चार्ज
मान लिजिए आप क्रेडिट कार्ड यूज कर रहें है और अगर आप अपने बिल का भुगतान समय पर नहीं किया तो आपको लेट पेमेंट चार्ज भरना पड़ेगा।
सिर्फ यही नहीं, देर से भुगतान आपके क्रेडिट स्कोर को भी नुकसान पहुंचा सकता है। आपको बता दें कि कंपनी आपको बिल भरने का कितना समय देती है।
कंपनी अपने ग्राहकों को बिल का पेमेंट करने के लिए 14 से 50 दिनों का समय देती है। यह आपके क्रेडिट कार्ड के बैंक पर भी निर्भर करता है कि वह लेट पेमेंट के लिए कितने दिनों का समय देगी।
अगर कोई व्यक्ति इस समय अवधि में भी अपना बिल नहीं भरता है तो फिर उसके उपर हर महीने ब्याज लगता है।
ओवर लिमिट फीस
हर कार्ड के साथ क्रेडिट लिमिट मिलती है जिसमें कुछ बैंक उससे ज्यादा भी खर्च करने की सुविधा देते हैं, कुछ नहीं देते।
अगर कोई कार्डहोल्डर लिमिट से ज्यादा खर्च करता है तो बैंक इस पर भारी ब्याज ऐंठते हैं। ओवर लिमिट फीस ज्यादातर बैंकों में इसकी न्यूनतम सीमा 500 रुपये है और यह आपके क्रेडिट कार्ड और बैंक पर निर्भर करती है।
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