नई दिल्ली, नवंबर 29। अगर आपके पास गोल्ड है तो वह घर बैठे कमाई भी करा सकता है। यह एक वित्तीय योजना है, जिसका नाम गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम है। इस स्कीम को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अक्टूबर 2015 में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए थे। अगर आप भी इस स्कीम के बारे में जानना चाहते हैं तो यहां पर पूरा डिटेल ले सकते हैं।
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का डिटेल जानिए
अगर आप गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपके पास कम से कम 10 ग्राम सोना होना चाहिए। हालांकि गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में अधिकतम गोल्ड जमा करने की कोई सीमा नहीं है। वहीं गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में गोल्ड जमा कराने के लिए 3 विकल्प मिलते हैं। यह विकल्प हैं शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट, मीडियम टर्म बैंक डिपॉजिट और लॉन्ग टर्म बैंक डिपॉजिट।
- शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट की अवधि 1 से 3 साल
- मीडियम टर्म डिपॉजिट की अवधि 5 से 7 साल
- लॉन्ग टर्म डिपॉजिट की अवधि 12 से 15 साल
जानिए इस स्कीम में कितना मिलता है ब्याज
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत सोना बैंक में जमा किया जाता है। बाद में बैंक इस जमा सोने के बदले ब्याज देता है। अगर आप चाहें तो इस वक्त पंजाब नेशनल बैंक में शार्ट टर्म डिपॉजिट में सालाना 0.50 फीसदी से लेकर 0.75 फीसदी तक ब्याज दिया जा रहा है। इसके अलावा एसबीआई में यह ब्याज 0.50 फीसदी से लेकर 0.60 फीसदी सालाना तक दिया जा रहा है।
वहीं इन दोनों बैंकों में लॉन्ग टर्म डिपॉजिट पर 2.50 फीसदी और मीडियम टर्म डिपॉजिट पर 2.25 फीसदी सालाना ब्याज दिया जा रहा है। गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत बैंक गोल्ड बार, सिक्के, गहने (स्टोन्स रहित और अन्य मेटल रहित) जैसे कच्चे सोने को स्वीकार करते हैं।
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के बदले मिलता है स्वर्ण जमा प्रमाणपत्र
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत सोना बैंक में सोना जमा करने पर एक स्वर्ण जमा प्रमाणपत्र दिया जाता है। अगर आप गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको आवेदन करना होगा। इसके साथ आपको आईडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ और इन्वेस्टरी फॉर्म भर कर देना होगा। गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत बैंक ग्राहक को स्वर्ण जमा प्रमाणपत्र जारी करता है। यह प्रमाण पत्र शुद्ध सोने (995 की शुद्धता) के लिए दिया जाता है। अगर आप गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको नामांकन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के प्रीमैच्योर विदड्रॉअल नियम
शॉर्ट टर्म विकल्प : गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के इस विकल्प में समय से पहले निकासी की अनुमति होती है। हालांकि, जमा की प्रभावी तिथि से 1 वर्ष पूरा होने से पूर्व निकासी के मामले में कोई ब्याज देय नहीं होगा। बाकी अन्य सभी मामलों में 0.15 फीसदी का प्रीपेमेंट जुर्माना लगाकर पैसा दिया जाएगा।
मीडियम टर्म विकल्प : गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के इस विकल्प में 3 साल के बाद किसी भी समय विदड्रॉ करने की अनुमति होती है। लेकिन ब्याज पर जुर्माना लगाया जाता है।
लॉन्ग टर्म विकल्प : गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के इस विकल्प में 5 साल के बाद किसी भी समय प्रीमैच्योर विदड्रॉअल की अनुमति दी जाती है, लेकिन ब्याज पर जुर्माना लगाया जाता है।
अब जानिए कौन गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम का फायदा ले सकता है
- व्यक्तिगत : एकल आधार या जॉइंट में नाम से
- एसयूएफ
- प्रोपराइटरशिप और पार्टनरशिप फर्म्स
- ऐसे ट्रस्ट, जिनमें म्यूचुअल फंड/सेबी (म्युचुअल फंड) विनियमन के अंतर्गत पंजीकृत एक्सचेंज ट्रेडेड फंड शामिल हैं
- कंपनियां
- धर्मार्थ संस्थाएं


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