भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत में लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है।
नई दिल्ली: भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत में लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। इसी बीच आपको बता दें कि भारत में चलने वाले हर वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कवर अनिवार्य है।

बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के सड़क पर गाड़ी चलाना गैर-कानूनी है। अक्सर वाहन दुर्घटना की खबर आती रहती है, लेकिन दुर्घटना से चोट लगने या मौत होने की स्थिति में थर्ड पार्टी कवर की सीमा नहीं बताई गई है। कोर्ट इस बात का फैसला करती है कि मुआवजे के तौर पर कितनी राशि मिलनी चाहिए और उसका भुगतान इंश्योरेंस कंपनी करती है। तो आप भी जान लें कि वाहन से किसी को नुकसान पहुंचता है तो ऐसे हालत में आपको क्या करना होगा।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या है
सबसे पहले बता दें कि क्या है थर्ड पार्टी इंश्योरेंस। मालूम हो कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत अनिवार्य किया गया है। जब अनजाने में सड़क पर आप की वजह से कोई दुर्घटना होती है तो थर्ड पार्टी बीमा की आवश्यकता वहां होती है। यह आपके ऊपर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करता है। तीसरे पक्ष के दावे के मामले में पार्टी तय करने के लिए एक विशेष अदालत, मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) स्थापित किया गया है जो क्लेम से जुड़े निर्णय करता है।
जानिए थर्ड पार्टी क्लेम रजिस्ट्रेशन क्या है ?
- थर्ड पार्टी क्लेम, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के निपटान मे एमएसीटी के साथ कानूनी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।
- इसलिए समय पर पुलिस को सूचित करें और एफआईआर दर्ज करें। वाहन के मालिक को तत्काल नुकसान के बारे में अपनी बीमा कंपनी को सूचित करना चाहिए।
- इसके अलावा, थर्ड पार्टी क्लेम के मामले में कुछ दस्तावेज भी जरूरी होते है जैसे कि
- इंश्योर्ड पर्सन की ओर से हस्ताक्षर किया गया क्लेम फॉर्म।
-ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी, पालिसी और FIR की कॉपी
वाहन के आरसी की कॉपी।
-आवश्यक स्टांप यदि कंपनी के रजिस्टर्ड वाहन के मूल दस्तावेज के मामले में।
-कॉमर्शियल वाहन के मामले में परमिट और फिटनेस, जहां लागू होता हो।
-इस तरीके से जल्द निपटा सकते हैं थर्ड पार्टी क्लेम की प्रक्रिया।
- दुर्घटना स्थल से वाहन हटाने से पहले तुरंत दुर्घटना और उसकी वजह से हुए नुकसान की एक फोटो क्लिक कर लें।
- वहीं क्लेम फॉर्म में विस्तार से और सही ढंग से घटना के बारे में जानकारी होनी चाहिए।
- सुनिश्चित करें कि घायल को नजदीकी अस्पताल में ले जाया जाए। अगर अस्पताल को भुगतान करना है तो बीमा कंपनी को तत्काल सूचित करें।
रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा
बात करें रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा कि तो थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्लेम का जल्द से जल्द दर्ज किया जाना महत्वपूर्ण है। इसके लिए कोई लिखित नियम नहीं है, फिर भी दुर्घटना के 24 से 48 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचित करना जरूरी है। अगर आपका मामला अदालत में लंबित है, तब भी आपको लिए बेहतर होगा कि आप लगातार अपनी बीमा कंपनी के संपर्क में रहें।
अब 15 मई तक चुकाएं हेल्थ-मोटर बीमा पॉलिसी के प्रीमियम
हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य और मोटर बीमा पॉलिसीधारकों को राहत दी है। वो पॉलिसीधारक जिनकी स्वास्थ्य और मोटर (थर्ड पार्टी) बीमा पॉलिसी लॉकडाउन के कारण रिन्यू नहीं हो पाई थीं, सरकार ने उन्हें अपनी पॉलिसी को रिन्यू करने के लिए 15 मई 2020 या उससे पहले भुगतान करने की अनुमति दी है। वित्त मंत्रालय ने इसके लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया। दरअसल कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा दिया गया है। ऐसे में लोगों को होने वाली परेशानियों के मद्देनजर सरकार ने वाहन बीमा और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम का भुगतान करने की तारीख बढ़ा दी है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह उन लोगों के लिए है, जिनका 25 मार्च से तीन मई के बीच ड्यू है और कोरोना वायरस में लॉकडाउन की वजह से पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। जबकि वहीं पुरानी अधिसूचना के अनुसार, लॉकडाउन पार्ट 1 में इस छूट को 25 मार्च से 14 अप्रैल तक की अनुमति दी गई थी। इसमें पॉलिसीधारकों को 21 अप्रैल तक प्रीमियम बकाया का भुगतान करना था। अब लॉकडाउन की अवधि बढ़ने से 15 मई तक बकाया प्रीमियम का भुगतान किया जा सकता है।
वाहन चलाने के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य
- बता दें कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 146 के अनुसार, सड़कों पर वाहन चलाने के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य है। थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस के लिए अगर ग्राहक इसे समय रहते रिन्यू नहीं कराते हैं, तो बिना थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने से 2,000 रुपये का जुर्माना वसूला जा सकता है।
- लॉकडाउन में जारी रहेगा इंश्योरेंस कंपनियों का काम मालूम हो कि सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) और इंश्योरेंस कंपनियां अपना काम जारी रखेंगी।
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