Insurance Claim Rejected: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने जरूरत पड़ने पर इंश्योरेंस क्लेम किया हो और वह रिजेक्ट हो गया हो।
आपने इसके बारे में शिकायत भी की हो लेकिन आपकी बात पर गौर न किया गया हो। ऐसे मामले में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप ऐसे में क्या कर सकते हैं और क्लेम क्यों रिजेक्ट होता है यह भी हम आपको बताएंगे।

क्लेम रिजेक्ट होने पर करे ये काम
सबसे पहले इंश्योरेंस कंपनी के ग्रीवांस रीड्रेसल ऑफिस के पास जाना होगा। इसके बाद आपको आपका क्लेम प्रोसेस नहीं हो रहा है या फिर रिजेक्ट हो गया है तो इसके बारे में इंश्योरेंस कंपनी के ग्रीवांस रीड्रेसल ऑफिसर या शिकायत निवारण अधिकारी के पास जानकारी देनी होगी।
इंश्योरेंस रेगुलेटर भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नियम के अनुसार, हर इंश्योरेंस कंपनी के पास अपना शिकायत निवारण अधिकारी होना चाहिए।
ऐसे में अगर इंश्योरेंस कंपनी के स्तर पर आपकी समस्या नहीं सॉल्व होती है तो RDAI के पास इसकी शिकायत आप आसानी से कर सकते हैं।
ये स्टेप के बाद भी अगर आपके ग्रीवांस को अगले 15 दिनों में नहीं सुना जाता है तो आप IRDAI के कंज्यूमर डिपार्टमेंट के ग्रीवांस रिड्रेसल सेल को आप मेल कर सकते हैं। मेल के लिए आपको complaints@irdai.gov.in पर मेल करना होगा।
बीमा लोकपाल से भी कर सकते हैं शिकायत
आप अपनी शिकायत बीमा लोकपाल के पास भी दे सकते हैं। देशभर में अलग-अलग जगहों पर कई बीमा लोकपाल नियुक्त किए गए हैं। आप अपनी शिकायत बीमा लोकपाल के पास भी जा सकते हैं।
इसके लिए आपको बस ये चेक करना होगा कि आपके शहर में बीमा लोकपाल कहां बैठता है और इसकी जानकारी आपको आपकी इंश्योरेंस कंपनी के ब्रांच या फिर वेबसाइट पर आसानी से मिल जाएगी।
बीमा लोकपाल के कार्यालय में जाकर आप फॉर्म P-II और फॉर्म P-III भर सकते हैं। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि आपको शिकायत को मेल करके इसकी हार्ड कॉपी लोकपाल के ऑफिस स्पीड पोस्ट से भेजनी होगी।
क्लेम रिजेक्ट होने के कारण
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीमा कंपनियां कई कारणों से क्लेम को रिजेक्ट कर देती है। इसेक पीछे का मुख्य कारण पॉलिसी होल्डर्स द्वारा सही जानकारी नहीं देना भी होता है। यानी अगर आप पॉलिसीधारक हैं और आपने गलत जानकारी देकर क्लेम करने की कोशिश की तो वह क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा।
ग्राहकों को बीमा कम्पनियों द्वारा मांगे गए सभी डॉक्यूमेंट और क्लेम से जुड़ी अन्य जानकारियां देनी होती है, लेकिन ऐसे मामले में भी ग्राहकों के पास कई विकल्प होते हैं, जिससे वे क्लेम पा सकते हैं।
इसके अलावा पॉलिसी की जो शर्तें थीं, वो आपने पूरी नहीं कीं. या फिर आपने पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं का खुलासा नहीं किया होता है और इनके बारे में सही जानकारी नहीं दी होती है तो भी क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।
वहीं, अगर आप आपने बिजनेस की सही जानकारी नहीं देते हैं तो भी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
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