Insurance Claim: इंश्योरेंस यानी बीमा पॉलिसी काम मकसद हमारे भविष्य को सुरक्षित करना होता है और इसके लिए हम कई इंश्योरेंस कंपनियों से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं। कई बार तो इन इंश्योरेंस पॉलिसी से बड़ी-बड़ी दिक्कतें भी आसानी से सॉल्व हो जाती है लेकिन कई बार इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो जाने की वजह से आप दोहरे संकट में फंस जाते हैं।
यह किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है। ऐसे में अगर आपका क्लेम रिजेक्ट हो रहा है और उसके बारे में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है या फिर आपको बीमा कंपनी की तरफ से कोई भी जवाब नहीं मिल रहा है, तो आप कई दूसरे तरीके भी अपना सकते हैं। इन्हीं के बारे में आपको बताया जा रहा है।

अगर आपका क्लेम रिजेक्ट होने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो आप आईआरडीएआई द्वारा सुझाए गए तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि अगर कंपनी आपका क्लेम रिजेक्ट कर रही है तो इसके पीछे भी कोई खास वजह हो सकते हैं।
इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के कई छोटे-छोटे कारण हो सकते हैं जिन्हें अक्सर हम ध्यान भी नहीं देते हैं। हालांकि इसके अलावा भी दूसरे कई कारण है जिनकी वजह से आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। अगर आपने इंश्योरेंस लेते वक्त अपनी सही जानकारी साझा नहीं की है, तो आपका इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। अगर आपने पॉलिसी की टर्म और कंडीशंस को पूरी तरह से फॉलो नहीं किया है, तो भी इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट किया जा सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस में भी काफी रिजेक्शन देखने को मिलता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कई बार पहले से मौजूद बीमारी के बारे में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को नहीं पता होता है या फिर स्मोकिंग और ड्रिंकिंग जैसी आदतों को छुपाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
इसके अलावा आपका इंश्योरेंस क्लेम का टाइप और आपकी क्लेम की कंडीशन दोनों मैच करना जरूरी है नहीं तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने जिस उद्देश्य से पॉलिसी खरीदी है आपको उसी की कंडीशंस के तहत इंश्योरेंस क्लेम दिया जा सकता है। कई बार तो प्रीमियम मिस करने पर भी इंश्योरेंस कंपनी के द्वारा क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है।
आप अगर आपके साथ भी एंश्योरेंस पॉलिसी का क्लेम रिजेक्ट की प्रॉब्लम आ रही है और बीमा कंपनी सुनवाई नहीं कर रही है तो आप इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी (आईआरडीएआई) से अपनी शिकायत कर सकते हैं।
पूरे देश में अलग-अलग बीमा लोकपाल भी नियुक्त किए गए हैं, जो ऐसी कंडीशन में आपकी सहायता करने के लिए बनाए गए हैं। इसके लिए फॉर्म P-II और फॉर्म P-III के साथ शिकायत की मेल और हार्ड कॉपी लोकपाल के ऑफिस में स्पीड पोस्ट से भेजनी होगी।
उनके मुताबिक अगर आपकी समस्या का समाधान 15 दिन तक नहीं किया जा रहा है या उसके बारे में नहीं सुना जाता है तो आपआईआरडीएआई कंज्यूमर डिपार्मेंट को मेल कर सकते हैं। इसके लिए आपको इस complaints@irdai.gov.in ईमेल आईडी पर मेल करना होगा।
अगर आपको मेल करने में प्रॉब्लम आ रही है तो आप टोल फ्री नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। कॉल के जरिए अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इस नंबर (1800 4254 732) पर फोन लगाना होगा।
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