नयी दिल्ली। कोरोना महामारी ने अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग पर ध्यान देने की जरूरत को सभी के सामने ला दिया है। आपको फाइनेंशियल तौर पर कितना मजबूत होना चाहिए महामारी के दौरान ये सभी को समझ आ गया होगा। आपको इमरजेंसी और रिटायरमेंट के लिए भी तैयारी करना जरूरी है। हम जिस दौर में हैं उसमें हमें अपने फ्यूचर और इमरजेंसी के लिए खुद ही तैयारी करनी होगी। खास कर रिटायरमेंट की आयु के पास पहुंचने से पहले हम उसके बाद के खर्चों की तैयारी कर लेनी चाहिए। जहां तक लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने का सवाल है तो नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) 2 ऐसे ऑप्शन हैं जो आपको करोड़पति बना सकते हैं। मगर इनमें ज्यादा फायदा कहां हैं। आइए जानते हैं।
कौन खोल सकता है एनपीएस अकाउंट
भारत का कोई भी नागरिक (निवासी और अनिवासी दोनों) जिसकी आयु 18-65 वर्ष हो एनपीएस खाता खुलवा सकता है। हालांकि आप एक से ज्यादा एनपीएस खाते नहीं रख सकते। ज्यादा पेंशन फंड के लिए आप एनपीएस के साथ अटल पेंशन योजना में अपना दूसरा अकाउंट रख सकते हैं। एनपीएस खाते को कोई अकेला व्यक्ति ही खोल सकता है। इसमें आपको जॉइंट अकाउंट सुविधा नहीं मिलती।
पीपीएफ की निवेश सीमा
आप अपने या किसी एक नाबालिग की तरफ से पीपीएफ खाता खोल सकते हैं। पीपीएफ एक 15-वर्ष की निवेश योजना है जिसके तहत आपको जमा राशि, ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर टैक्स छूट मिलती है। वैसे तो पीपीएफ में 15 वर्ष की मैच्योरिटी अवधि होती है, पर आप इसे 20, 25 और 30 वर्ष साल के लिए बढ़ा सकते हैं। इसके लिए आपको हर 5 साल में (15 साल बाद) एक फॉर्म जमा कराना होता है।
एनपीएस या पीपीएफ, जानिए कौन सा ऑप्शन बेहतर
मान लीजिए 2 लोग 30 सालों तक लगातार इन दोनों ऑप्शन में हर साल 1.5-1.5 लाख रु का निवेश करते हैं। इस लिहाज से दोनों लोग 45 लाख रु का निवेश करेंगे। मगर अहम चीज है रिटर्न। पीपीएफ में ब्याज दर है 7.1 फीसदी और एनपीएस में औसत रिटर्न है 9 फीसदी। यदि यही ब्याज दर 30 साल तक बरकरार रहे तो पीपीएफ के निवेशक को 30 सालों में 45 लाख रु पर 1.09 करोड़ रु का ब्याज मिलेगा। वहीं एनपीएस के निवेशक 30 साल में 45 लाख रु के निवेश पर करीब 1.82 करोड़ रु का रिटर्न मिलेगा। यहां औसत रिटर्न 9 फीसदी माना गया है। इस तरह 30 साल बाद पीपीएफ निवेशक की मैच्योरिटी राशि होगी 1.54 करोड़ रु और एनपीएस की 2.30 करोड़ रु। एनपीएस एक मार्केट लिंक्ड ऑप्शन है।
पीपीएफ का ये नियम जानिए
पीपीएफ खाते में हर साल न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा किए जा सकते हैं। ये पैसा आप 12 लेनदेन में जमा कर सकते हैं। आपको यह ध्यान रखाना चाहिए कि यदि आप प्रति वर्ष अपने पीपीएफ खाते में रु .1.5 लाख से अधिक जमा करते हैं तो अतिरिक्त राशि न तो कोई ब्याज मिलेगा और न ही आयकर अधिनियम के तहत छूट।
एनपीएस का रिटर्न
एनपीएस एक मार्केट लिंक्ड स्कीम है। इस पर मिलने वाला आपका रिटर्न इक्विटी मार्केट पर निर्भर करेगा। इसलिए ध्यान रहे कि यहां रिटर्न कम ज्यादा भी हो सकता है। यहां निश्चित या एक जैसा रिटर्न मिलने की कोई संभावना नहीं है।
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