PPF vs SIP Calculation: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक सेफ इनवेस्टमेंट माना जाता है, जबकि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) बाजार से जुड़ा हुआ है. PPF में जहां सरकार की गारंटी होती है, वहीं SIP में रिटर्न की कोई निश्चित गारंटी नहीं होती. हालांकि, लॉन्ग टर्म में इसका रिटर्न काफी अच्छा माना जाता है.
SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश की कोई लिमिट नहीं है, जबकि PPF में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपए का निवेश किया जा सकता है. इसलिए यहां कैलकुलेशन सालाना 1.5 लाख रुपए के निवेश पर की जा रही है...
PPF vs SIP: इनवेस्टमेंट और रिटर्न
PPF हो या SIP, अगर आप सालाना 1.5 लाख रुपए का निवेश करते हैं, तो आप हर महीने 12,500 रुपए का निवेश करेंगे. इस तरह आप 15 साल में कुल 22,50,000 रुपए का निवेश करेंगे. PPF पर आपको 7.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है, जबकि लॉन्ग टर्म के लिहाज से SIP का औसतन रिटर्न 12 फीसदी मान लेते हैं.
PPF में मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम
PPF में 1.5 लाख रुपए सालाना के हिसाब से 15 साल तक लगातार निवेश करने पर आपको 7.1 फीसदी ब्याज दर के लिहाज से कुल 40, 68,209 रुपए मैच्योरिटी रकम के रूप में मिलेंगे, जिसमें 22,50,000 रुपए आपका निवेश होगा. इसके अलावा 18,18,209 रुपए की कमाई आपको ब्याज से होगी.

SIP पर मिलने वाला रिटर्न
अब SIP को देखतें हैं, यहां 1.5 लाख रुपए सालाना के हिसाब से 15 साल तक लगातार SIP में निवेश करने पर 12 फीसदी रिटर्न के मुताबिक आपको 15 साल बाद 59,49,142 रुपए मैच्योरिटी रकम के रूप में मिलेंगे. इसमें 22,50,000 रुपए आपका निवेश होगा और 36,99,142 रुपए आपको ब्याज के रूप में मिलेंगे.
PPF में 15 साल से ज्यादा निवेश
अगर कोई PPF में 15 साल से ज्यादा समय तक निवेश करना चाहता है, तो वह भी कर सकता है. इस स्कीम में एक्सटेंशन का ऑप्शन मिलता है. हालांकि, एक्सटेंशन 5-5 साल के ब्लॉक में होता है. इसके लिए मैच्योरिटी की तारीख से 1 साल पूरा होने से पहले उस जगह पर एक एप्लीकेशन देनी होती है. जहां पर आपका पोस्ट ऑफिस अकाउंट खुला है. इसके बाद आपको एक्सटेंशन के लिए एक फॉर्म भरकर जमा करना होता है.
SIP में इनवेस्टमेंट का रिस्क
SIP शेयर बाजार से जुड़ा इनवेस्टमेंट प्लान है. इसलिए इसमें रिटर्न की गारंटी नहीं दी जा सकती. लॉन्ग टर्म में 12 फीसदी रिटर्न एक अनुमान के बेस पर बताया जाता है, जोकि बाजार की स्थिति के आधार पर यह कम या ज्यादा हो सकता है.
हालांकि, इन जोखिमों के बावजूद SIP को वेल्थ क्रिएशन के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है. क्योंकि इसमें रुपी कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिलता है, जिससे नुकसान काफी हद तक कवर हो जाता है. फिर भी अगर आप इसमें निवेश कर रहे हैं, तो SIP के जोखिम को ध्यान में रखकर ही निवेश करें.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें. यह आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है.)
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